ब्रिटेन: अफ़्रीका को दान कर दिया 'पूरा स्कूल'

ब्रिटेन के नॉर्थ यॉर्कशायर के एक बंद हो चुके 'प्रेप' (नर्सरी) स्कूल की सम्पू्र्ण पाठ्य सामग्री को अफ़्रीका में एक स्कूल के लिए दान कर दिया गया है.

इस निजी स्कूल द्वारा दान की गई चीज़ों में फ़र्नीचर, किताबें और बिलियर्ड टेबल शामिल हैं.

इस स्कूल को गर्मियों में बंद कर दिया गया था लेकिन इन सभी चीज़ों को दान करने के बाद भी ये ख़ुद को गुमनाम रखना चाहता है.

इस सामग्री को 12 मीटर लम्बे शिपिंग कंटेनर से विल्टशायर स्थित एक चैरिटी संस्था 'एक्शन थ्रो एंटरप्राइजेज' (एटीई) द्वारा घाना के लॉरा में विद्यार्थियों के लिए भेजा गया है.

सहायता कार्यक्रम

'एटीई' की सारा गार्डनर ने कहा, ''हमने सब कुछ दान कर दिया है, यह अद्भुत है.''

'एटीई' की स्थापना सारा गार्डनर ने की थी. एटीई घाना के पश्चिमी क्षेत्र के ग्रामीण इलाक़ों में अनेक योजनाएं चलाती है.

एटीई द्वारा संचालित अनेक सहायता कार्यक्रमों में, लॉरा के कार्बो प्राइमरी स्कूल में 450 बच्चों को मुफ्त में खाना मुहैया कराना भी शामिल है. एटीई की इस मुहिम का उद्देश्य लॉरा में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाना है.

उत्तरी यॉर्कशायर स्थित चैरिटी संस्था फ़िजियोनेट के पीटर थॉम्पसन ने कहा, ''एक पूरे स्कूल को दान दे देना वाकई हमारे लिए थोड़ आजीब तो था क्योंकि सामान्यतः हम कुछ विशेष उपकरण ही मुहैया कराते हैं.''

Image caption स्कूल के इस सामान को एक शिप कंटेनर से घाना भेजा गया है.

उन्होंने आगे बताया, ''लेकिन सारा ने हमें बताया कि वो लॉरा में एक नर्सरी स्कूल खोल रही हैं और उन्हें स्कूल की ज़रूरत में काम आने वाले उपकरणों की तलाश है. इसके बाद मुझे गर्मियों में बंद हो चुके एक नर्सरी स्कूल के बारे में पता चला. हमारे लिए इस पूरे सामान को ले लेना बहुत ख़ुशी की बात थी.''

पहली बार किताबों को देखना

फ़िजियोनेट के वॉलिंटियर्स ने तीन बड़ी लॉरियों में न केवल स्कूल के सारे सामान को बल्कि पुस्तकालय की किताबों, स्कूल के पियानो और खेल के साज़ो-सामान को भी इकट्ठा किया.

गार्डनर ने कहा, ''मैंने ऐसा पहले कभी नहीं देखा था. फ़र्नीचर, डेस्क, कुर्सियां, एक पूरा पुस्तकालय और किताबों के डिब्बे सहित हमने सब कुछ दे दिया. लॉरा में बनने वाले स्कूल में कुछ भी नहीं है और अब इस सबका उपयोग किया जाएगा.''

क्रिसमस के मौक़े पर दोनों चैरिटी संस्थाऔं के वॉलिंटियर्स ने स्कूल के सामान से भरे एक विशाल शिप कंटेनर को विदा किया. ये शिप कंटेनर जनवरी 2013 की शुरुआत में घाना पहुंचेगा.

सारा के मुताबिक़ वे 96 बच्चों के लिए एक नर्सरी स्कूल बना रही हैं क्योंकि फ़िलहाल ये बच्चे एक अलमारी के समान जगह पर पढ़ना सीख रहे हैं.

वे कहती हैं, ''ये वाकई उत्साहित करने वाली योजना है क्योंकि इन बच्चों ने इससे पहने कभी किताबों को नहीं देखा है और अब उन्हें एक पूरा पुस्तकालय मिलने जा रहा है.''

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