ब्रिटेन: कृत्रिम स्तन प्रत्यारोपण का होगा पंजीकरण

  • 30 दिसंबर 2013
पीआईपी

ब्रिटेन में कृत्रिम स्तन प्रत्यारोपण के मामलों में बढ़ती शिकायतों को देखते हुए स्तन प्रत्यारोपणों का रिकॉर्ड रखने का फ़ैसला किया गया है.

इस तरह के प्रत्यारोपण का अभी तक कोई केंद्रीय रिकॉर्ड नहीं था जिसकी वजह से डॉक्टर अपने मरीजों को ख़राब स्तन प्रत्यारोपण के मामलों और खतरों के बारे में विस्तार से नहीं बता पाते थे.

वेल्स, स्कॉटलैंड और उत्तरी आयरलैंड के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को यह तय करना है कि वे इसमें शामिल हो रहे हैं या नहीं.

विज्ञापनों पर लगेगी रोक?

कृत्रिम स्तन प्रत्यारोपण को बढ़ावा देने वाली विज्ञापनों के खिलाफ़ भी ब्रितानी सरकार क़दम उठा सकती है. माना जा रहा है कि सरकार के इन प्रयास से 'विन ए बूब जॉब' यानी की अपनी प्रेमिका का मुफ़्त में स्तन प्रत्यारोपण करवाने का प्रस्ताव देने जैसी प्रतियोगिताओं या विज्ञापनों पर रोक लगेगी.

सौंदर्य 'सुधारने' वाला यह उद्योग पूरी तरह फल-फूल रहा है. साल 2005 में ब्रिटेन में स्तन प्रत्यारोपण का कारोबार 75 करोड़ पाउंड का था. यह 2010 में बढ़कर 2.3 अरब का हो गया है. अनुमान है कि साल 2015 तक इसका बाज़ार बढ़कर 3.6 अरब पाउंड का हो जाएगा.

स्तन प्रत्यारोपण में हुई धांधली की वजह से डॉक्टरों ने इस क्षेत्र को ख़राब नियंत्रण वाला और संभावित संकटों वाला बताया.

इस तरह के प्रत्यारोपण पर एक विश्लेषण में ब्रिटेन का वर्णन डाटा फ्री ज़ोन के रूप में किया गया है, जहाँ इस बात का कोई आंकड़ा नहीं है कि किस महिला ने स्तन प्रत्यारोपण कराया है और उसके क्या उसके बाद उन्हें किसी तरह की समस्याएं पेश आई.

ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजना (एनएचएस) और कुछ अन्य कंपनियां स्तन प्रत्यारोपण पंजीकरण की व्यवस्था का परीक्षण करेंगी. यह उसी तरह होगा जिस तरह कुल्हों के आपरेशन के लिए नेशनल ज्वाइंट रजिस्ट्री को पूरे इंग्लैंड में अनिवार्य बनाने से पहले होता था.

प्रत्यारोपण की गुणवत्ता

इंग्लैंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर डैन पॉल्टर ने बीबीसी से कहा, ''स्तन प्रत्यारोपण घोटाले ने इस उद्योग की एक ऐसी व्यवस्था पर प्रकाश डाला है जो संदेहास्पद लगती है.''

उन्होंने कहा, '' हमें प्रभावी रूप से यह पता लगाने की जरूरत है कि महिलाओं में प्रत्यारोपण की गुणवत्ता कैसी है. इसके जरिए हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि जब भी कोई ग़लत प्रत्यारोपण हो तो हम जल्द से जल्द कार्रवाई कर सकें.''

स्वास्थ्य विभाग ने भी कहा है कि वह एक के साथ एक मुफ्त जैसी ग़ैर ज़िम्मेदार मार्केटिंग पर रोकथाम के लिए एडवरटाइज़िंग स्टैंडर्ड अथारिटी (एएसए) के साथ मिलकर काम कर रहा है.

स्तनों को 'सुधारने' के लिए होने वाले ऑपरेशन को हतोत्साहित करने के लिए एएसए पहले भी इस तरह के विज्ञापनों पर रोक लगा चुका है.

डॉक्टर पॉल्टर ने कहा, '' इस तरह के विज्ञापन ग़ैर ज़िम्मेदराना हैं क्योंकि यह औरतों के जीवन का तरीका ही बदल देता है. इसलिए हमें सौंदर्य उद्योग की इन कंपनियों से विज्ञापन को लेकर और अधिक ज़िम्मेदारी बरतने की उम्मीद है. नहीं तो हम उन पर शिकंजा कसने जा रहे हैं.''

दी रॉयल कॉलेज ऑफ़ सर्जन भी कॉस्मेटिक सर्जरी के लिए नई योग्यता और व्यावसायिक मापदंड बनाएगा.

प्लास्टिक सर्जन और ब्रिटेन के प्लास्टिक सर्जनों के संगठन (बीएएपीएस) के अध्यक्ष राजीव ग्रोवर कहते हैं, ''लोगों को कास्मेटिक सर्जरी करवाने से पहले उसके ख़तरों, अपनी उम्मीदों, इसकी सेवा देने वाले की योग्यता के बारे में जान लेना चाहिए. प्रत्यारोपण का फ़ैसला क्रिसमस ऑफ़रों के आधार पर नहीं करना चाहिए.''

प्लास्टिक सर्जन और इस उद्योग का विश्लेषण करने वाले साइमन विथे ने बीबीसी से कहा, ''कहने के लिए तो यह एक ख़राब उद्योग है. लेकिन ऐसा है नहीं. अधिकांश डॉक्टर उत्कृष्ट हैं.'' उन्होंने कहा कि स्तन प्रत्यारोपण का पंजीकरण एक ऐसा काम है जिसे करना चाहिए.

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