चीन: किसान जिसने खुद काट लिया अपना पैर !

ज़ेंग येनलियांग, चीन, किसान

चीन के एक किसान ने अपना पैर इसलिए काट लिया क्योंकि वो इलाज का खर्च नहीं उठा सकते थे, इस घटना ने चीन के स्वास्थ्य तंत्र की खामियों को उजागर कर दिया है.

ज़ेंग येनलियांग उत्तरी चीन के हेबेई प्रांत में रहते हैं. उनके पैर में बीते साल संक्रमण हो गया था और पैर में खून का संचरण भी नहीं हो रहा था. इससे समस्या और गंभीर हो गई और पैर में सड़न शुरू हो गई.

जब 47 साल के ज़ेंग डॉक्टर के पास पहुंचे उन से डॉक्टर ने कहा कि उन्हें ऑपरेशन की ज़रूरत होगी और उन्हें अपना पैर खोना पड़ सकता है.

ज़ेंग कहते हैं, "मैंने उनसे पूछा कि ऑपरेशन पर कितना खर्च आएगा, डॉक्टर ने कहा एक पैर में ऑपरेशन पर तीन लाख यूआन (करीब 30 लाख रुपए) से ज़्यादा खर्च आएगा और दोनों पैरों के ऑपरेशन पर 10 लाख यूआन (1 करोड़ रुपए) से ज़्यादा खर्च आएगा. मैं इतना खर्च नहीं उठा सकता था. मेरे पास सिर्फ़ 20,000 यूआन (करीब 2 लाख रुपए) थे."

ज़ेंग के इलाज का कुछ खर्च चीनी सरकार की ग्रामीण स्वास्थ्य बीमा योजना से पूरा हो सकता था लेकिन वो भी उन्हें इलाज के बाद में मिलता.

'पैर काला पड़ चुका था'

Image caption चीन में गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं शहरों के मुकाबले अच्छी नहीं हैं.

ऑपरेशन के लिए पैसे न होने पर ज़ेंग को लगा कि उनके पास कोई विकल्प नहीं है और वो अपने गांव डोंगज़ेंग लौट गए, जहां उन्होंने कई महीने बहुत ज़्यादा दर्द में गुजारे.

वो कहते हैं, "मैं बिस्तर पर तीन महीने से ज़्यादा समय तक लेटा रहा. मेरा पैर काला पड़ चुका था. मांस में कीड़े पड़ चुके थे. दाएं पैर की हड्डी दिखने लगी थी."

आखिरकार ज़ेंग ने पैर काटने का फ़ैसला ले लिया.

वो कहते हैं, "मुझे पलंग के नीचे एक आरी और एक छोटा चाकू मिल गया और मैंने बस पैर को काट दिया. मुझे 20 मिनट लगे. मैं पसीने से तरबतर हो गया." ज़ेंग बेहोश नहीं हुए.

ज़ेंग ने अपना पैर अप्रैल 2012 में काटा था लेकिन इस बारे में चीन के मीडिया में ख़बरें हाल ही में आई हैं. इससे चीन के स्वास्थ्य तंत्र में असमानता को लेकर बहस को बढ़ावा मिला है.

चीन में कई लोग ज़ेंग की आपबीती से इतने दु:खी हैं कि उन्होंने ज़ेंग को तीन लाख यूआन (करीब 30 लाख रुपए) दान दे दिए हैं. उन्हें मुफ़्त इलाज की भी पेशकश की गई है. लेकिन ज़ेंग को अपने भविष्य की चिंता है.

वो कहते हैं, "मेरी कोई आय नहीं है. उम्मीद है कि सरकार मेरी देखभाल करेगी. मैं अगर बीमार हो गया तो?"

शहरों पर ध्यान ज़्यादा

ये वाकई एक उचित सवाल है. ज़ेंग की तरह चीन के 130 करोड़ लोगों में से आधे गांवों में रहते हैं. स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधारों के बावजूद, करीब 80% स्वास्थ्य सेवाएं शहरों में हैं. शहरी जनसंख्या पर प्रति व्यक्ति खर्च ज़्यादा होता है.

चीन यूरोप इंटरनेशनल बिज़नेस स्कूल के प्रोफ़ेसर जॉन कैई कहते हैं, "गांवों में रहने वाले लोग नुकसान में हैं."

तब से ज़ेंग के दूसरे पैर का भी ऑपरेशन हो चुका है, उनके दूसरे पैर में भी संक्रमण हो गया था और उसे घुटने तक काट दिया गया. ये सर्जरी बाओडिंग के सरकारी अस्पताल में हुई.

लेकिन ज़ेंग जानते हैं कि उन्हें और इलाज की ज़रूरत होगी और वो नहीं जानते कि वो इसका खर्च कैसे उठा पाएंगे.

चीन का लक्ष्य साल 2020 तक पूरी जनसंख्या को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराना है. लेकिन ये लक्ष्य हासिल करने पर उसे काफ़ी खर्च करना होगा: स्वास्थ्य पर साल 2020 तक खर्च तीन गुना होने का अनुमान है, करीब 10 खरब डॉलर. और चीन को इसके लिए पैसे का इंतज़ाम करना होगा.

(बीबीसी हिंदी का एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें. साथ ही आप बीबीसी हिंदी से फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी जुड़ सकते हैं.)

संबंधित समाचार