वोल्गोग्राद धमाकों से बचना नामुमकिन था: पुतिन

रूसी राष्ट्रपति, व्लादिमीर पुतिन, वोल्गोग्राद में
Image caption रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने वोल्गोग्राद में घायलों से मुलाकात की.

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने वोल्गोग्राद में 24 घंटे के भीतर हुए दो आत्मघाती धमाकों के बारे में कहा है कि इनसे बचाव संभव नहीं था. वे शहर के दौरे पर आए हुए थे.

उन्होंने कहा, "अपराधी कैसे भी अपने काम को सही ठहराने की कोशिश करें, लेकिन आम नागरिकों के ख़िलाफ़ होने वाले अपराध को कतई सही नहीं ठहराया जा सकता है."

मुख्य रेलवे स्टेशन और सिटी बस में हुए धमाके में 34 लोग मारे गए थे.

वहां पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और हज़ारों की संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है.

किसी भी गुट ने हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि अगले महीने सोची में होने वाले शीतकालीन ओलंपिक की तैयारियों को पटरी से उतारने की कोशिश है.

हमले के पीछे कौन?

ये हमले उत्तरी कारकास में इस्लामी चरमपंथियों द्वारा किए गए हमले के समान हैं.

वोल्गोग्राद शहर की आबादी क़रीब दस लाख है. इसे दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान स्टालिनग्राद के नाम से जाना जाता था.

जाँचकर्ताओं का मानना है कि एक पुरुष आत्मघाती हमलावर ने सिटी ट्रॉली बस पर हमला किया था. वो उसके शरीर के टुकड़ों का अध्ययन कर रहे हैं, ताकि उसकी पहचान उजागर हो सके.

Image caption रूस के धमाकों के पीछे इस्लामी चरमपंथियों का हाथ बताया जा रहा है.

पुलिस सूत्रों का कहना है कि स्टेशन पर होने वाले धमाके में भी पुरुष आत्मघाती हमलावर का हाथ हो सकता है.

रूसी जाँच समिति के प्रवक्ता ब्लादिमीर मार्किन के मुताबिक़ दोनों धमाकों में एक समान बम के टुकड़े मिले हैं.

विश्लेषकों का कहना है कि हमलों का मुख्य संदेह चेचन्या के भगोड़े इस्लामी चरमपंथी नेता डोकू उमारोव हो सकता है.

उसे रूसी नागरिकों को निशाना बनाकर पूर्व में किए गए धमाकों का साज़िशकर्ता माना जाता है. जुलाई में उसने कहा था कि सोची ओलंपिक का उद्घाटन करने से पुतिन को रोकने के लिए वो "कोई भी क़दम'' उठा सकते हैं.

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