अंटार्कटिका में फंसे यात्रियों को बचाने का अभियान शुरू

अंटार्कटिका में बर्फ से घिरे पानी के जहाज एकैडेमिक शोकलस्की में फंसे यात्रियों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने का काम शुरू हो गया है.

इस सिलसिले में एक चीनी जहाज से उड़ा एक हेलिकॉप्टर जहाज़ के नज़दीक पहुंच गया है और उसके साथ गया एक दल वहां हेलिकॉप्टर को उतारने की संभावनाओं का मूल्यांकन कर रहा है.

इसके बाद हेलिकॉप्टर लौट गया मगर लौटकर उसने यात्रियों को दूसरे जहाज़ तक पहुँचाने का काम शुरू कर दिया.

इससे पहले खबर आई थी कि ख़राब मौसम के चलते यात्रियों को निकालने की योजना में देरी हो सकती है.

एकैडेमिक शोकलस्की नामक इस जहाज पर वैज्ञानिकों, यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को मिलाकर कुल 72 लोग हैं और यह क्रिसमस की पूर्व संध्या से ही बर्फ में फंसा है.

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इससे पहले तीन अलग-अलग आइस-ब्रेकर्स की मदद से इस जहाज़ को मुक्त कराने के प्रयास विफल हो चुके हैं.

इसके बाद चीनी हेलिकॉप्टर जू लांग की मदद से यात्रियों को निकालने की योजना बनाई गई और फिर उन्हें समुद्री रास्ते से आस्ट्रेलियाई आइसब्रेकर ऑरोरा ऑस्ट्रैलिस तक ले जाना था.

वैकल्पिक उपाए

अभियान दल के नेता क्रिस टर्नी ने ट्वीट किया, "चीनी हेलिकॉप्टर शोकलस्की तक पहुंच गया है. हम सभी बच गए हैं. सभी को बहुत-बहुत धन्यवाद."

विमान चालक दल के सदस्यों ने विमान के उतरने के स्थान का मुआयना किया और फिर वापस आ गए.

टर्नी ने एक वीडियो में कहा है, "अगर सब कुछ ठीक रहा तो हम एक घंटे में यहां से बाहर होंगे."

इससे पहले आस्ट्रेलियाई समुद्री सुरक्षा प्राधिकरण के बचाव समन्वय केंद्र (आरसीसी) ने एक बयान में कहा था कि समुद्री बर्फ की स्थिति को देखते हुए एकैडेमिक शोकलस्की पर प्रस्तावित यात्रियों के बचाव कार्य में देरी हो सकती है.

हालांकि बाद में मौसम में सुधार के बाद बचाव कार्य शुरू कर दिया गया.

वैसे सबसे पसंदीदा और सुरक्षित विकल्प यह था कि सभी यात्रियों के एक साथ सुरक्षित निकाला जाए, लेकिन अब बचाव अभियान के लिए वैकल्पिक उपायों पर विचार किया जा रहा है.

आरसीसी ने बताया है कि सभी 52 यात्रियों को पहले निकाला जाएगा, जिसमें वैज्ञानिक और पर्यटक शामिल हैं. उसके बाद चालक दल के सदस्यों को निकाला जाएगा.

शोकलस्की क्रिसमस की पूर्व संध्या पर ऑस्ट्रेलियाई राज्य तस्मानिया की राजधानी होबार्ट से करीब 1500 समुद्री मील की दूरी पर समुद्री तूफान के चलते बर्फ की चट्टान से टकराकर उसमें फंस गया था.

इसके बावजूद वैज्ञानिकों ने अपने प्रयोगों को जारी रखा है और वो आसपास की बर्फ का तापमान और उनकी लवणता की जांच कर रहे हैं.

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