पूर्व रक्षा मंत्री ने की बराक ओबामा की आलोचना

रॉबर्ट गेट्स के जून 2011 में आयोजित विदाई समारोह में राष्ट्रपति बराक ओबामा

राष्ट्रपति बराक ओबामा जिस तरह अफगानिस्तान में युद्ध को नियंत्रित कर रहे हैं उसकी पूर्व अमरीकी रक्षा मंत्री रॉबर्ट गेट्स ने आलोचना की है.

'इन ड्यूटी : मेमोरीज़ ऑफ़ ए सेक्रेटरी ऑफ़ वार' नाम से लिखी किताब में गेट्स ने कहा है कि राष्ट्रपति को इस बात पर संदेह था कि उनके प्रशासन की अफ़ग़ान रणनीति सफल होगी.

उन्होंने लिखा है, ''मैंने सेना को उनके समर्थन को लेकर कभी संदेह नहीं किया मगर उन सैनिकों के अभियान के प्रति उनके समर्थन को लेकर ये संदेह था.''

गेट्स का कार्यकाल

रॉबर्ट गेट्स बराक ओबामा और जार्ज डब्लू बुश के कार्यकाल के दौरान रक्षा मंत्री थे.

साल 2011 में पद छोड़ने से पहले वह अलग-अलग पार्टियों के राष्ट्रपतियों के कार्यकाल में रक्षा मंत्री रहे पहले व्यक्ति थे.

हालांकि उन्होंने ओबामा का वर्णन एक व्यक्तिगत निष्ठा वाले व्यक्ति के रूप में किया है, जो अफ़ग़ानिस्तान को लेकर किए गए फैसले के मामले में सही थे. वह लिखते हैं कि अफ़ग़ानिस्तान और इराक़ में चल रहे युद्ध को लेकर राष्ट्रपति असहज थे, जो उन्हें बुश कार्यकाल से विरासत में मिला था.

उन्होंने यह भी कहा है कि ओबामा सेना को लेकर अविश्वासी थे, जो उन्हें विकल्प मुहैया करा रही थी.

मार्च 2011 की स्मृतियों को याद करते हुए गेट्स ने लिखा है कि ओबामा को जनरल डेविड पेट्रायुस, जो कि 2010-2011 में अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी सेना के कमांडर थे, उन पर उन्हें विश्वास नहीं था और वह राष्ट्रपति हामिद करज़ई को 'देखना भी नहीं चाहते' थे.

सार्वजनिक छवि

मार्च 2011 में अमरीकी राष्ट्रपति कार्यालय व्हाइट हाउस में हुई अपनी एक बैठक का जिक्र करते हुए गेट्स ने लिखा है, ''राष्ट्रपति को नहीं लगता था कि यह युद्ध उनके लिए है, उन्हें लगता था कि यह उन्हें बाहर करने के लिए है.''

अमरीकी अख़बार 'वॉशिंगटन पोस्ट' का कहना है कि गेट्स की स्मृति उनके पेंटागन प्रमुख के रूप में उनकी सार्वजनिक छवि के विपरीत है. वह अपनी किताब में कई बार कठोर शब्दों से हमला करते हैं.

पूर्व रक्षा मंत्री ने इस किताब में राष्ट्रपति ओबामा के कार्यालय के अधिकारियों की 'नियंत्रण रखने की प्रवृत्ति' को लेकर भी निराशा जताई है. उनका कहना है कि वे अधिकारी लगातार रक्षा मंत्रालय के कामकाज में हस्तक्षेप करते थे भले ही राष्ट्रपति के ये अधिकारी सैनिक अभियान के बारे में कुछ भी नहीं जानते थे.

लेकिन गेट्स राष्ट्रपति ओबामा को पाकिस्तान में ओसामा बिन लादेन के घर पर हमला करने का आदेश देने का श्रेय देते हैं, जिसका उन्होंने शुरू में ख़ुद ही विरोध किया था. इसे उन्होंने व्हाइट हाउस में देखा गया अपना अब तक का सबसे साहसी फैसला बताया है.

पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन की प्रशंसा में भी गेट्स असंयत नजर आते हैं.

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