'मेरे भाई ने मुझे पहनाई सुसाइड जैकेट'

सोज़मई
Image caption सोज़मई के पिता उसे घर चलने के लिए मनाने गए

हेलमंद प्रांत में एक पुलिस चौकी पर हमला करने के लिए एक अफ़ग़ान लड़की सोज़मई को उसके परिवार ने मजबूर किया.

एक अफ़ग़ान सैनिक ने पिछले सोमवार को आत्मघाती विस्फोटक से लैस बनियान पहने उसे देखा था. उसके बाद उसे प्रांतीय राजधानी लश्कर गाह में सुरक्षात्मक हिरासत में ले लिया गया था.

सोज़मई ने बीबीसी को बताया कि उसके भाई और पिता ने आत्मघाती हमले के लिए उसे मजबूर किया और मना करने पर उसकी पिटाई भी की.

इस बच्ची ने बीबीसी को बताया " रात का समय था. मुल्ला अज़ान दे रहा था. मेरा भाई मुझे बाहर ले कर अगया और उसने मुझे बारूद भरी जैकेट पहनने को कहा. उसने मुझे इसे चलाना भी बताया. मैं डर गई तो उसने मुझे पीटा. उसने मुझे चेकपॉइंट के नज़दीक इस जैकेट को चलाने के लिए छोड़ा और घर चला गया."

इस बच्ची ने कहा "मेरे भाई ने जब मुझे यह जैकेट दी तो मैं समझ गयी कि यह आत्मघाती जैकेट है, क्योंकि यह आम जैकेट से भारी थी. उसने मुझे कहा कि अगर मैं यह जैकेट चलाउंगी तो मुझे छोड़ कर सब मर जायेंगे. लेकिन मैं जानती थी कि मैं भी मारी जाउंगी."

अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई से लड़की ने नए घर के लिए अपील की है. वह अपने घर नहीं जाना चाहती है.

राष्ट्रपति के प्रवक्ता ने कहा कि अगर उसके कबीले के लोग उसकी सुरक्षा की गारंटी लेते है तभी उसे उसके रिश्तेदारों को लौटाया जाएगा.

लड़की को एक प्रमुख तालिबान कमांडर की बहन माना जा रहा है. पुलिस के मुताबिक तालिबान कमांडर ने ही लड़की को हमले के लिए प्रोत्साहित किया.

गुलामों जैसा बर्ताव

सोज़मई ने बीबीसी न्यूज डे कार्यक्रम में बताया कि वह हमले की बात से डर गई थी लेकिन उसके भाई ने उससे वादा किया था कि केवल उसका लक्ष्य मारा जाएगा और हमले में वह बच जाएगी.

सोज़मई ने कहा " अगर सरकार मेरी सुरक्षा की गारंटी ले भी ले तो भी मैं घर नहीं जाउंगी. मेरे साथ फिर वहि होगा. मेरे पिता यहाँ मुझे लेने के लिए आए थे. मैं उनके साथ जाने की जगह मरना पसंद करूंगी."

उसने कहा, "नहीं, मैं आप के साथ जाने के बजाए अपने आप को मार लूंगी".

"वही बात फिर से होगी उन्होंने मुझे पहले ही बता रखा है कि अगर मैं इस बार ऐसा नहीं करती हूं, तो वो मुझ से फिर से ऐसा करवाएंगें"

सोज़मई ने बताया कि घर में उसे पढ़ने और लिखने की इजाज़त नहीं थी.

सोज़मई बोली "मैं घर का सारा काम करती थी, मैं खाना पकाया करती थी, मैं पूरे घर की साफ़-सफ़ाई करती थी लेकिन मेरे साथ बहुत बुरा बर्ताव किया जाता था जैसे मैं सिर्फ एक गुलाम हूं. उसने कहा कि "मैं वापस वहाँ नहीं जाऊंगी. खुदा ने मुझे एक आत्मघाती हमलावर बनने के लिए नहीं बनाया है. मैंने राष्ट्रपति करज़ई से अपने लिए एक अच्छी जगह का बंदोबस्त करने को कहा."

राष्ट्रपति ने इस घटना पर तालिबान की निंदा की है, लेकिन तालिबान ने कथित साज़िश में शामिल होने से इनकार किया है.

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