ऑस्ट्रेलिया: गर्मी से टेनिस प्लेयर भी हुईं बेहाल

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तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर, पसीने से हालत ख़राब, ऐसी गर्मी कि लगे त्वचा जल रही हो.

जी नहीं, मैं भारत में गर्मी के मौसम का वर्णन नहीं कर रही. मैं बात कर रही हूँ ऑस्ट्रेलिया के कुछ शहरों की, जहाँ इस साल ज़बरदस्त गर्मी पड़ रही है.

ऑस्ट्रेलिया में कई जगहों पर इतनी भीषण गर्मी पड़ती है कि वहाँ बुशफायर्स या जंगली झाड़ियों में आग लग जाती है.

कई बार ये आग हज़ारों हेक्टेयर के क्षेत्रफल में लगती है. इस वक्त भी विक्टोरिया और साउथ ऑस्ट्रेलिया प्रान्त के कई हिस्सों में आग लगी हुई है.

भारत मेरा घर है और मैं कुछ साल पहले ही ऑस्ट्रेलिया आई हूं.

भारत में रहने के दौरान मैंने कभी ये सोचा भी नहीं था कि ऑस्ट्रेलिया में ऐसी गर्मी पड़ती होगी.

गर्मी में खेल

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मेलबर्न में इतनीगर्मीपड़ रही है कि ऑस्ट्रेलियन ओपन टेनिस के दौरान अब तक नौ खिलाडियों ने मैच खत्म होने से पहले ही हाथ खड़े कर दिए.

मेलबर्न में रहने वाले कहते हैं कि ऐसी भीषण गर्मी शहर में पहले कभी नहीं पड़ी. शहर में इस पूरे हफ्ते तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा.

टेनिस खिलाडी इवान डोडिग ने तो यहां तक कह दिया कि उन्हें लगा कि वह इस गर्मी में मर सकते हैं.

नंबर वन महिला टेनिस खिलाड़ी ने कहा, "वह भयभीत हैं कि कहीं गर्मी से उनके शरीर में पानी की कमी न हो जाए."

दुनिया का सबसे गर्म शहर

गुरुवार को गर्मी के चलते ऑस्ट्रेलियन ओपन में कुछ मैच रोकने पड़े. एडीलेड भी गर्मी से तप रहा है. 44 डिग्री सेल्सियस से ऊपर तापमान के साथ वह दुनिया का सबसे गर्म शहर रहा. इस पूरे हफ्ते वहां दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया.

तापमान के थर्मामीटर से अंदाज़ा लगा सकते हैं कि आम लोगों का क्या हाल हो रहा होगा.

ऐसा लगता है हर इंसान बर्फ के गोले से लिपटे रहने का ख़्वाब देख रहा है. जहां चार लोग जुट रहे हैं तो बस बढ़ते तापमान की ही चर्चा कर रहे हैं.

भारत में रहते हुए कभी मौसम पर इतनी चर्चा हमने नहीं की, पर ख़ैर ऑस्ट्रेलिया का शग़ल ही अलग है!!

बदलेगा मौसम

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मेलबर्न तुलनात्मक तौर पर ऑस्ट्रेलिया के ठंडे शहरों में एक माना जाता है. अगर ये तापमान दूसरी जगहों पर मसलन कैनबेरा या ऐलिस स्प्रिंग्स में दर्ज किया जाता तो शायद आश्चर्य नहीं होता लेकिन मेलबर्न में चार दिनों तक तापमान का 41 डिग्री सेल्सियस से ऊपर होना एक रिकॉर्ड सरीखा ही है.

हालांकि संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही तापमान में भारी गिरावट होगी और फिर मौसम में अनुकूल बदलाव आएगा.

ऑस्ट्रेलिया में मौसम के तेवर भारत से बिल्कुल उलटे चलते हैं. जब भारत में गर्मी पड़ती है तो यहाँ ठंडी और जब भारत में ठंडी होती है तो यहाँ गर्मी.

ऐसा इसलिए क्योंकि भारत उत्तरी गोलार्द्ध में है जबकि ऑस्ट्रेलिया दक्षिणी गोलार्द्ध में. तो इस वक्त जब हम यहां ऑस्ट्रेलिया में गर्मी से बेहाल हो रहे हैं, दिल्ली की गुलाबी सर्दी की याद खूब सता रही है. सुना है वहां कोहरे ने नाक में दम कर रखा है.

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व्यक्तिगत तौर पर मुझे लगता है कि ऑस्ट्रेलिया की धूप ज़्यादा चुभती है.

पता नहीं मेरे निजी अनुभव और इस तथ्य में कोई संबंध है या नहीं पर इतना ज़रूर है कि यहाँ धूप में निकलने से पहले लोगों को सावधानी बरतने के लिए कहा जाता है.

सनस्क्रीन लगाकर ही धूप में निकलने की बात बार-बार बताई जाती है.

मुझे याद है कि गर्मी के महीनों में जब एक बार दिल्ली में रात को खाने के बाद मैं टहलने निकली तो मुझे लगा कि ज़मीन से भाप निकल रही है. उस वक्त मुझे अंदाजा नहीं था कि इतनी भीषण गर्मी ऑस्ट्रेलिया के शहरों में भी पड़ सकती है!

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