जहां पुलिस भूतों, नरभेड़ियों और एलियन से परेशान

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पुलिस के आपातकालीन फ़ोन नंबर पर अक्सर लूटमार जैसे अपराधों की शिकायत की जाती है लेकिन क्या आपने कभी पुलिस से भूत-प्रेत के बारे में शिकायत करने के बारे में सुना है?

इंग्लैंड में पिछले तीन वर्षों के दौरान ऐसी शिकायतें काफ़ी बढ़ीं हैं.

इंग्लैंड की डिवॉन एंड कार्नवल पुलिस को मिलने वाले आपातकालीन फ़ोन में चुड़ैलों और भूतों की रिपोर्ट शामिल हैं.

वर्ष 2010 से पुलिस को 35 ऐसी शिकायतें मिली हैं जो अलग-अलग तरह के मिथकीय आधारों या अलौकिक गतिविधियों पर आधारित थीं.

पुलिस अधिकारी इनमें से 18 शिकायतों की जांच कर रहे हैं.

इस तरह की शिकायतें पुलिस के लिए भी सिरदर्द बनी हुई हैं और अब पुलिस ने कहा है कि उसके पास आने वाले फ़ोन कॉल की प्राथमिकता तय करने के लिए सार्वजनिक बहस होनी चाहिए.

पुलिस का कहना है कि "वे जान के जोखिम के आधार पर प्रत्येक फ़ोन को श्रेणीबद्ध करते हैं." पुलिस का कहना है कि शिकायत की वैधता जांचने के लिए छानबीन के तौर-तरीकों पर भी बहस की ज़रूरत है.

पढें: क्यों बनाई भूतों जैसी सूरत

शिकायतें

पुलिस आधिकारियों को मिलने वाली शिकायतों पर एक नज़र डालिए:

  • टॉर्की में एक ग्राहक, परिसर से बाहर जाने से इनकार कर रही है और वह जोर-जोर से चिल्ला रही है कि उसके ऊपर भूत सवार है.
  • रेडरूद कस्बे में महीनों से जादू-टोना चल रहा है.
  • सैल्टॉस में एक आदमी के बारे में फ़ोन करके बताया गया कि वह एक उपन्यास पर आधारित किरदार क्रिस्मस पास्ट का भूत है.
  • एक व्यक्ति जो खुद को दूसरे ग्रह का निवासी या एलियन बता रहा था, उसे अधिकारियों ने चेतावनी देकर छोड़ दिया.
  • ब्रिटेन के सूचना अधिकार कानून के तहत मिल जानकारी के मुताबिक एक व्यक्ति ने कुछ अन्य लोगों के बारे में पुलिस को बताया कि वे लोग नर-भेड़िया हैं.
  • एक शिकायत जिस पर पुलिस अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की, उसमें एक व्यक्ति ने बताया कि उसके घर की बैठक में एक भूत कुर्सी पर बैठा है.

देखें: समंदर में भूतों का ज़िंदा इतिहास

पुलिस की चिंताएं

डिवॉन एंड कार्नवल पुलिस के प्रमुख निगेल रैबिट्स ने कहा कि इस तरह की शिकायतों से आवश्यकता बनाम उपलब्ध संसाधनों को लेकर चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं. इस तरह की शिकायतों का समाधान करने और लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए अधिक निवेश और कर्मचारियों के प्रशिक्षण की ज़रूरत है.

उन्होंने कहा, "पुलिस की प्राथमिकता को लेकर सार्वजनिक बहस होनी चाहिए कि संसाधनों का बंटवारा किस तरह किया जाए और फ़ोन पर मिली कितने प्रतिशत शिकायतों को छांट देना चाहिए."

पुलिस प्रवक्ता का कहना है: "हालांकि हम हमेशा पुलिस को फ़ोन करने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करते हैं, लेकिन इसके लिए कोई वाजिब वजह होनी चाहिए. इसलिए हमारी सलाह है कि आपातकालीन सेवाओं के लिए फ़ोन करने से पहले आपको काफ़ी सोच विचार कर लेना चाहिए."

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