स्विट्ज़रलैंड में ईयू के लोगों की आवाजाही होगी सीमित

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स्विटज़रलैंड में एक जनमत संग्रह हुआ है जिसमें देश के पचास प्रतिशत से कुछ अधिक मतदाताओं ने यूरोपीय संघ के सदस्य देशों में रहने वाले लोगों की अपने यहां निर्बाध आवाजाही संबंधी एक समझौते को ख़त्म करने का समर्थन किया है.

जनमत संग्रह में हिस्सा लेने वाले लोगों में से 50.3 प्रतिशत मतदाताओं ने यूरोपीय संघ के देशों से आने वाले लोगों की संख्या सीमित करने के पक्ष में वोट दिया है.

इसकी वजह से स्विट्ज़रलैंड और यूरोपीय संघ के बीच निर्बाध आवाजाही संबंधित कई वर्ष पुराना समझौता ख़तरे में पड़ गया है.

स्विट्ज़रलैंड, यूरोपीय संघ का सदस्य नहीं है लेकिन उसने यूरोपीय संघ की कई नीतिगत पाबंदियों को अपनाया है.

स्विट्ज़रलैंड के इस फ़ैसले पर यूरोपीय संघ ने खेद प्रकट किया है और कहा है वह इसके नतीजों की पड़ताल करेगा.

जिनेवा में मौजूद बीबीसी संवाददाता इमोगन फॉल्कर्स का कहना है कि जनमत संग्रह के नतीजे स्विट्ज़रलैंड में अलग-अलग ज़बान बोलने वाले लोगों के बीच परम्परागत मतभेदों को ज़ाहिर करते हैं.

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स्विट्ज़रलैंड के फ्रेंच बोलने वाले लोग, इस प्रस्ताव के ख़िलाफ़ हैं जबकि इतालवी बोलने वाले लोगों ने इसका समर्थन किया है. वहीं जर्मन भाषी इलाके इस बारे में अलग-अलग राय रखते हैं.

आव्रजन पर बहस तेज़

यूरोपीय आयोग ने एक बयान में इस बात पर खेद जताया है कि बाहर से आने वाले लोगों की संख्या तय करने संबंधी पहल को मतदान के ज़रिए मंज़ूरी दे दी गई है.

यूरोपीय आयोग का कहना है, ''यह यूरोपीय संघ और स्विट्ज़रलैंड के बीच लोगों की निर्बाध आवाजाही के सिद्धांत के विरुद्ध है. यूरोपीय संघ इसके नतीजों और दोनों के संबंधों की पड़ताल करेगा.''

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स्विट्ज़रलैंड में यह जनमत संग्रह ऐसे समय हुआ है जब पूरे यूरोप में आव्रजन और लोगों की निर्बाध आवाजाही के बारे में बहस बढ़ती जा रही है.

फ़िलहाल स्विट्ज़रलैंड की अर्थव्यवस्था अपनी पूरी रफ़्तार पर है और बेरोज़गारी भी कम है, लेकिन देश के अधिकतर लोग बाहर से आने वाले लोगों के प्रति चिंतित हैं.

देश की 80 लाख आबादी का एक चौथाई हिस्सा विदेशियों का है और बीते साल यहां 80,000 नए लोग पहुंचे थे.

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वर्ष 2007 से ही यूरोपीय संघ के पचास करोड़ निवासियों को स्विट्ज़रलैंड में रोज़गार के उतने ही अवसर मिलते रहे हैं जितने मौक़े स्थानीय लोगों के लिए होते हैं.

'बहुत बड़ी ग़लती'

दरअसल वर्ष 2000 में एक जनमत संग्रह कराकर इस संबंध में एक नीति को क़ानून की शक्ल दी गई थी.

लेकिन दक्षिण पंथी स्विस पीपल्स पार्टी के नेतृत्व वाला एक गठबंधन अब चाहता है कि इस समझौते को ख़त्म कर दिया जाए क्योंकि यह एक बहुत बड़ी भूल थी.

प्रस्ताव का समर्थन करने वालों का मानना है कि यूरोपीय संघ के लोगों की निर्बाध आवाजाही की वजह से आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा और परिवहन पर दबाव पड़ा है.

लेकिन सरकार और क़ारोबारी नेताओं का कहना है कि लोगों की यही निर्बाध आवाजाही स्विटज़रलैंड की आर्थिक सफलता की कुंजी है जहां किसी नियोक्ता को समूचे यूरोप से दक्ष कर्मचारी चुनने का मौक़ा मिलता है.

वैसे यूरोपीय संघ के साथ जिस द्विपक्षीय समझौते को ख़त्म करने की बात कही जा रही है, उसे हासिल करने में स्विटज़रलैंड को कई वर्ष लग गए थे.

हमारे संवाददाता का कहना है कि स्विटज़रलैंड की इस पहल की वजह से यूरोप के एकल बाज़ार में उसकी पहुंच सीमित हो सकती है जहां उसके आधे से अधिक निर्यात की खपत होती है.

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