क्या इतिहास में शामिल होंगे मैकुलम?

इमेज कॉपीरइट Getty

वेलिंगटन टेस्ट में तीसरे ही दिन भारत की जीत, वो भी बड़े अंतर से पक्की लग रही थी.

तब शायद ही किसी को अंदाजा रहा होगा कि ब्रैंडन मैकुलम भारत की जीत के सामने अटूट दीवार बन जाएंगे.

दो दिन में करीब पांच सत्र की बल्लेबाज़ी के बाद वे इतिहास बनाने के मुकाम पर हैं. न्यूज़ीलैंड की ओर से पहला तिहरा शतक बनाने का कारनामा दिखाने से मैकुलम महज़ 19 रन दूर हैं.

उनके सामने टेस्ट क्रिकेट इतिहास में तिहरा शतक बनाने वाले 24वें बल्लेबाज़ बनने का मौक़ा है.

तिहरे शतक पर नज़र

अगर वे ऐसा कर पाए तो न्यूज़ीलैंड टेस्ट इतिहास की सबसे बड़ी पारी का रिकॉर्ड भी उनके ही नाम होगा.

न्यूज़ीलैंड के मशहूर बल्लेबाज़ मार्टिन क्रो ने 1991 में श्रीलंका के ख़िलाफ़ वेलिंगटन के इसी बेसिन रिज़र्व मैदान पर 299 रनों की पारी खेली थी.

इमेज कॉपीरइट Getty

मार्टिन क्रो ने उम्मीद जताई है कि ब्रैंडन मैकुलम उनका 23 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दें.

इतना ही नहीं वे भारत के ख़िलाफ़ किसी कप्तान की सबसे बड़ी पारी का रिकॉर्ड भी बना सकते हैं. अभी वे इस सूची में तीसरे पायदान पर हैं.

इंग्लैंड के कप्तान ग्राहम गूच ने 333 और ऑस्ट्रेलिया के माइकल क्लार्क ने नाबाद 329 रनों की पारी खेली हुई है.

मैकुलम इस रिकॉर्ड को तोड़ पाएं या नहीं लेकिन उन्होंने टेस्ट जीतने की भारतीय उम्मीदों को जरूर एक झटका दिया है.

इस दौरान मैकुलम ने बी जे वॉटलिंग के साथ मिलकर छठे विकेट के लिए 352 रनों की वर्ल्ड रिकॉर्ड साझेदारी कर डाली. ये टेस्ट क्रिकेट इतिहास की छठे विकेट की सबसे बड़ी साझेदारी है.

भारत के लिए सिरदर्द

इमेज कॉपीरइट Getty

इस सिरीज़ में वे भारतीय बल्लेबाज़ों के लिए सिरदर्द साबित हुए. उन्होंने लगातार दूसरे टेस्ट में दोहरा शतक बनाया. पहले टेस्ट में उन्होंने 224 रनों की पारी खेली थी.

उन्होंने कुल तीन दोहरे शतक बनाए हैं और तीनों भारत के ख़िलाफ़.

भारत के ख़िलाफ़ तीन दोहरा शतक बनाने वाले रिकी पॉन्टिंग के बाद मैकुलम महज दूसरे बल्लेबाज़ हैं.

मैकुलम की पहचान क्रिकेट की दुनिया में एक ताबड़तोड़ बल्लेबाज़ की रही है. आईपीएल के पहले सीजन के पहले मैच में छक्कों भरी पारी ने उन्हें विस्फोटक बल्लेबाज़ की पहचान दे दी.

इमेज कॉपीरइट Getty

महज 73 गेंदों पर 10 चौके और 13 छक्कों की मदद से मैकुलम ने 158 रन की पारी खेल आईपीएल को सुपर स्टार्ट दिया था.

लेकिन पहले ऑकलैंड और उसके बाद वेलिंगटन टेस्ट में ब्रैंडन मैकुलम ने जिस अंदाज़ में बल्लेबाज़ की, उससे साफ़ है कि वे टेस्ट के भी एक भरोसेमंद बल्लेबाज़ साबित हो रहे हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार