मिस्र में सेना समर्थित सरकार का इस्तीफ़ा

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Image caption हज़ेम बबलावी बतौर प्रधानमंत्री एक साल भी पूरा नहीं कर सके.

मिस्र की सेना समर्थित सरकार ने इस्तीफ़ा दे दिया है, प्रधानमंत्री हज़ेम बबलावी ने इसकी घोषणा की.

बबलावी ने टेलीविज़न पर प्रसारित बयान में इस फ़ैसले की कोई वजह नहीं बताई.

सरकारी अख़बार अल-अहराम ने सूत्रों के हवाले से ख़बर दी है कि अब तक गृह निर्माण मंत्री रहे इब्राहिम मिहलिब उनकी जगह ले सकते हैं.

बबलावी बीते साल जुलाई में तब प्रधानमंत्री बने थे जब सेना ने प्रदर्शनों के बाद राष्ट्रपति मोहम्मद मोरसी को हटा दिया था.

अल-अहराम अख़बार की ख़बर के मुताबिक कैबिनेट ने इस्तीफ़ा देने का फ़ैसला उस बैठक के बाद किया जिसमें सेना प्रमुख और रक्षा मंत्री अब्दुल फतह अल-सीसी भी शामिल थे.

'चुनाव लड़ेंगे सेना प्रमुख'

प्रधानमंत्री हज़ेम बबलावी ने इस्तीफ़ा राष्ट्रपति अदली मंसूर को सौंप दिया है.

माना जा रहा है कि सेना प्रमुख अल-सीसी जल्द ही दोनों पद छोड़ देंगे और राष्ट्रपति चुनाव में खड़े होंगे.

जनवरी में जिस संविधान को मंज़ूरी मिली है उसके मुताबिक अप्रैल के मध्य तक चुनाव होना ज़रूरी है. संवाददाताओं का कहना है कि लोकप्रियता और किसी गंभीर उम्मीदवार के न होने से फ़ील्ड मार्शल अल-सीसी चुनाव जीत सकते हैं.

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