यूक्रेन: अंतरिम सरकार के गठन की घोषणा

आर्सेनी यतसेनयुक
Image caption काउंसिल ने आर्सेनी यतसेनयुक के नाम पर प्रधानमंत्री पद के लिए मोहर लगाई है

यूक्रेन में पिछले हफ़्ते राष्ट्रपति विक्टर यानुकोविच को अपदस्थ किए जाने के बाद राजधानी कीएफ़ के मुख्य चौक पर जमा प्रदर्शनकारियों से नई अंतरिम सरकार के संभावित नेताओं को मिलवाया गया.

इस चौक की काउंसिल ने प्रधानमंत्री पद के लिए आर्सेनी यतसेनयुक के नाम पर मोहर लगाई है. अब माना जा रहा है कि आर्सेनी ही देश के नए प्रधानमंत्री बनेंगे.

इन प्रदर्शनकारियों के बीच वे लोग भी मौजूद थे जिन्हें हिंसक प्रदर्शनों के दौरान गिरफ़्तार करने के बाद यातना दी गई थी. इस नई कैबिनेट में दक्षिण पंथी राष्ट्रवादी नेता, डॉक्टर, जाने- माने अभिनेता के अलावा फ़ादरलैंड पार्टी के आर्सेनी के नाम भी शामिल हैं.

प्रदर्शनकारियों के एक समूह और कार्यकर्ताओं से मिलकर बनी चौक काउंसिल ने लोगों की बड़ी भीड़ के सामने अपने उम्मीदवारों की घोषणा की.

कैबिनेट के लिए मतदान गुरुवार को होगा और इसमें उन लोगों के नाम भी शामिल हैं जिन्होंने कीएफ़ में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया था.

आर्सेनी ने बीबीसी से बातचीत में कहा है कि यूक्रेन संगठित रहेगा लेकिन नई सरकार के लिए आगे की राह आसान नहीं है.

उनका कहना था, ''हमें कुछ अलोकप्रिय क़दम उठाने होंगे क्योंकि पिछली सरकार और पिछले राष्ट्रपति इतने भ्रष्ट थे कि देश की आर्थिक हालत काफ़ी ख़राब हो चुकी है. यूक्रेन त्रासदी की कगार पर है. देश की आर्थिक स्थिति को देखते हुए नई सरकार के लिए अलोकप्रिय क़दम उठाना बेहद ज़रुरी है. नई सरकार का गठन एक राजनीतिक आत्महत्या होगी.''

ज़िम्मेदार

इस बीच यानुकोविच का नाम अंतरराष्ट्रीय वांछित सूची में डाल दिया गया है.

यूक्रेन में पिछले हफ़्ते मुख्य चौक पर हुए प्रदर्शनों के दौरान मारे गए 100 से ज़्यादा लोगों के लिए यानुकोविच को ज़िम्मेदार बताया गया है और फ़िलहाल वे भाग कर कहां गए है उस बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है.

काउंसिल ने 25 मई को होने वाले मध्यावधि राष्ट्रपति चुनाव तक आर्सेनी को कैबिनेट का नेतृत्व करने को कहा है.

इस बीच यूडीआर पार्टी के नेता विताली क्लित्सको ने क्रिमीया के लोगों से टेलीविज़न पर अपील की है वे कीएफ़ में हो रहे प्रदर्शनों में भाग ले.

वहीं रुस के साथ संबंधों पर आर्सेनी का कहना था कि उनकी सरकार रूस के साथ रिश्ता नहीं तोड़ेगी.

उनका कहना था, ''अच्छे संबंध रखने के लिए अच्छे संबंध बनाना ज़रुरी होता है इसलिए हमारा मुख्य काम रूस के साथ नए प्रकार से संबंध स्थापित करना होगा क्योंकि हम ये मानते हैं कि रुस हमारा पड़ोसी ही नहीं बल्कि एक सहयोगी भी है.''

आर्सेनी संसद के स्पीकर के अलावा विदेश मंत्री भी रह चुके हैं. साथ ही वो पिछले साल नवंबर में शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों में भाग लेने वाले मुख्य विपक्षी नेताओं में से एक रहे हैं.

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