चीन में क्यों छिपे हैं प्रतिमाओं के चेहरे?

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चीन की राजधानी बीजिंग में प्रदूषण की वजह से छाए धुंए और धुंध यानी स्मॉग से बचाने के लिए पीकिंग विश्वविद्यालय के आस-पास की प्रतिमाओं के चेहरे पर मास्क लगा हुआ देखा गया है.

चीन में प्रदूषण के ख़त्म होने के आसार नहीं देखते हुए एक छात्र ने यह हास्यात्मक प्रयोग किया है.

उसने चीन के निवासियों द्वारा स्मॉग से बचने के लिए इस्तेमाल होने वाले मास्क से मूर्तियों के चेहरों को ढका है.

छात्र के इस काम ने सोशल नेटवर्किंग साइट विबो पर यूज़र्स का ध्यान अपनी ओर खींचा है जहां प्रदूषण को लेकर लोगों की हास्य पुट वाली रचनात्मक टिप्पणियां देखी जा रही है.

माओत्से तुंग

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Image caption माओत्सो तुंग का मास्क लगा चित्र चीनी वेबसाइटों पर वायरस की तरह प्रसारित हो रहा है.

चीनी ब्लॉगर्स के मनोरंजन के लिए और भी बहुत कुछ है इस साइट पर.

एक अन्य यूज़र ने माओत्से तुंग का एक मास्क लगा चित्र बनाया है जो चीनी वेबसाइट पर वायरल हो गया है.

एक दूसरे व्यक्ति ने दावा किया है कि उसने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंगकी तस्वीर उस वक़्त ली जब वह बीजिंग के लोकप्रिय पर्यटन स्थल के अपने बहुप्रचारित दौरे के दौरान बिना मास्क के गए थे.

लेकिन साउथ चीन मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक़ इस व्यक्ति की खींची हुई तस्वीर में सिवाय धुएं की मोटी चादर को छोड़कर और कुछ भी नहीं दिखाई दे रहा है.

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