ब्रितानी नागरिक पर चरमपंथी गतिविधियों का आरोप

मुअज़्ज़म बेग़ इमेज कॉपीरइट AP

वेस्ट मिडलैंड्स पुलिस का कहना है कि क्यूबा की ग्वांतानामो जेल के पूर्व ब्रितानी क़ैदी मुअज़्ज़म बेग़ और एक महिला गैरी ताहरी को सीरिया में चरमपंथी गतिविधियों के लिए अभियुक्त बनाया गया है.

बेग़ की उम्र 45 वर्ष जबकि ताहरी की आयु 44 साल है. दोनों बर्मिंघम के रहने वाले हैं.

वेस्ट मिडलैंड्स पुलिस का कहना है कि बेग़ पर विदेश में चरमपंथियों को प्रशिक्षण और धन मुहैया कराने का आरोप है. वहीं ताहरी पर भी चरमपंथियों की मदद करने का आरोप है.

दोनों को शनिवार को वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया जाएगा. उन्हें मंगलवार को गिरफ़्तार किया गया था.

उसी दिन दो अन्य लोगों को भी इस सिलसिले में संदेह के आधार पर पकड़ा गया था जो बर्मिंघम के ही रहने वाले हैं. इनमें से एक की उम्र 36 और दूसरे की 20 वर्ष है.

ग्वांतानामो जेल

बेग़ क्यूबा में अमरीकी फ़ौज की ग्वांतानामो बे जेल में लगभग तीन साल काट चुके हैं.

वह एक ब्रितानी नागरिक हैं जो वर्ष 2001 में अपने परिवार के साथ अफ़ग़ानिस्तान चले गए थे. वर्ष 2002 में बेग़ पाकिस्तान चले गए. यही वह साल था जब अफ़ग़ानिस्तान युद्ध शुरू हुआ था.

जनवरी 2002 में बेग़ को इस्लामाबाद में पकड़ा गया था और एक साल के लिए अफ़ग़ानिस्तान की बग़राम जेल में रखा गया था जहां से उन्हें ग्वांतानामो भेजा गया था.

जनवरी 2005 में उन्हें तीन अन्य ब्रितानी नागरिकों के साथ रिहा किया गया था जिसके बाद वह ब्रिटेन लौट गए थे.

बेग़ फिलहाल एक प्रचार समूह के निदेशक भी हैं जो क़ैदियों के परिवारों की मदद करता है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार