उत्तर कोरिया: संसद के लिए 'मतदान'

उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयोंग में लगा चुनाव सं संबंधित पोस्टर इमेज कॉपीरइट AP

उत्तर कोरिया की संसद सुप्रीम पीपुल्स असेंबली (एसपीए) के सदस्यों के चुनाव के लिए रविवार को मतदान हो रहा है.

हालांकि मतदाताओं के पास चुनने के अधिक विकल्प नहीं है, क्योंकि देशभर के 687 ज़िलों में मतपत्रों पर केवल एक उम्मीदवार का नाम है.

ये उम्मीदवार देश में सत्तारूढ़ पार्टी कोरियन वर्कर पार्टी के सदस्य हैं.

मतदाताओं को मतदान करते हुए मतपत्र पर केवल 'हां' या 'नहीं' ही लिखना होगा.

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि उम्मीदवारों की अंतिम सूची से यह पता चलता है कि देश के नेतृत्व के साथ कौन है और कौन नहीं.

उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन के नेतृत्व में पहली बार एसपीए के चुनाव हो रहे हैं. दिसंबर 2011 में अपने पिता किम जोंग इल की मौत के बद किम जोंग-उन ने उत्तर कोरिया की सत्ता संभाली थी.

पिता की सीट

किम जोंग-उन अपने पिता की ही तरह माउंट पाकेटू के चुनाव क्षेत्र नंबर 111 से चुनाव लड़ रहे हैं. उत्तर कोरिया में माउंट पाकेटू को दैवीय स्थान माना जाता है.

एसपीए के लिए चुनाव आमतौर पर हर पांच साल बाद होता है. बजट और दूसरे फ़ैसलों के लिए संसद की बैठक साल में एक या दो बार ही होती है.

एसपीए की अंतिम बैठक अप्रैल 2013 में हुई थी. यह बैठक देश को परमाणु शक्ति संपन्न देश की मान्यता देने के लिए बुलाई गई थी.

उत्तर कोरिया के इस दावे को दक्षिण कोरिया और अमरीका ने मानने से इनकार कर दिया था.

किम जोंग उन के फूफा चांग सोंग थाएक को मौत की सज़ा दिए जाने के बाद यह चुनाव हो रहे हैं.

चांग एक समय उत्तर कोरियाई सरकार में बेहद ताकतवर माने जाते थे. उन पर राजद्रोह और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे.

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक 2009 में एसपीए के लिए हुए चुनाव में कुल पंजीकृत मतदाताओं में से 99.98 फ़ीसद मतदाताओं ने मतदान में हिस्सा लिया था.

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