98 बच्चों के बाप को बीवी चाहिए

एड हूबेन इमेज कॉपीरइट bbc

एड हूबेन को यूरोप का सबसे सक्रिय 'स्पर्म डोनर' कहा जा सकता है. उन्होंने क़रीब 100 बच्चों के जन्म के लिए शुक्राणु दान किए हैं लेकिन हूबेन को आज भी अपने जीवनसाथी की तलाश है.

हूबेन ने स्पर्म डोनेशन की शुरुआत नीदरलैंड स्थित एक स्थानीय फ़र्टिलिटी क्लीनिक से की थी.

लेकिन अब वह संतान की चाह रखने वाली महिलाओं को मुफ़्त सेक्स की सेवाएं दे रहे हैं.

बीबीसी के आउटलुक कार्यक्रम के जॉन लॉरेंसन हूबेन के साथ उनके 98वें बच्चे को देखने के लिए उनके साथ गए.

(सुनिएः शुक्राणु दान कोई पेशा नहीं)

उत्तर-पश्चिम जर्मनी में पुराने फार्म हाउस में लकड़ी की सीढ़ियों पर चढ़ते हुए हूबेन बताते हैं कि वह अपने इस बच्चे को पहली बार देख रहे हैं. वह बताते हैं कि उनका यह बच्चा सात सप्ताह का है.

98वें बच्चे से मुलाकात

यह उनका 98वां बच्चा है. उनकी बच्ची की माँ की उम्र 28 साल है, जो अपने बच्चे की काफ़ी अच्छे ढंग से देखभाल कर रही हैं.

वह बताती हैं, "मैं अकेली थी. मैं सालों से एक बच्चा चाहती थी. लेकिन मुझे कोई उपयुक्त व्यक्ति नहीं मिला. इसलिए छह साल बाद मैंने हूबेन से मिलना शुरू किया."

उनके लिए एक अज़नबी व्यक्ति के साथ शारीरिक सबंध बनाना और बच्चे पैदा करना कितना मुश्किल था.

इसके बारे में वह कहती हैं, "मेरे लिए किसी ऐसे व्यक्ति की तलाश ज़्यादा महत्वपूर्ण थी जिसके ऊपर मैं भरोसा कर सकूं. अजनबी होना उतनी बड़ी समस्या नहीं थी क्योंकि हम बच्चा पैदा करने से पहले एक-दूसरे से परिचित हो सकते थे."

वह कहती हैं, "मैं बच्ची के पिता को जानना चाहती थी. मेरे लिए यह जानना महत्वपूर्ण था कि वह कहाँ का रहने वाला है? ताकि जब मेरी बच्ची बड़ी होकर सवाल पूछने लायक हो तो मैं उसके पिता के बारे में उसे बता सकूं. इसलिए मुझे अनजान व्यक्ति से स्पर्म डोनेशन स्वीकार करने की बजाय हूबेन से मिलना बेहतर लगा."

पिता से मिल पाएगी बेटी

वह कहती हैं, "यह बेहद महत्वपूर्ण है कि मेरी बेटी का अपने पिता से मिलना संभव हो सकेगा. अगर साल में एक या दो बार भी मिलना हो पाएगा तो भी मुझे अच्छा लगेगा. यह दोनों पक्षों के लिए संभव है."

एड हूबेन कहते हैं, "इस तरह से समलैंगिक जोड़ों के लिए भी बच्चा पाना आसान हो सकेगा. फादर्स डे के दिन बच्चों का अपने पिता से मिलना संभव हो सकता है."

टूर गाइड के रूप में काम करने वाले हूबेन के कमरे में उनके बच्चों के बनाए चित्र लगे हैं. इसमें से एक में लिखा है "आई लव माई डैड."

एड हूबेन पारंपरिक तौर पर 'स्पर्म बैंक' में शुक्राणु दान करने के साथ-साथ निजी रूप से भी स्पर्म डोनेशन की मुफ़्त सेवा प्रदान करते हैं.

उनका मानना है, "स्पर्म डोनेशन की बजाय सीधे संपर्क से गर्भधारण की ज़्यादा संभावना होती हैं. इस कारण मैं अपने अधिकतर बच्चों को जानता हूँ. वे मुझसे मिल सकते हैं."

काम के पीछे की प्रेरणा

इमेज कॉपीरइट thinkstock

वह कहते हैं, "इससे लोगों को अजीब स्थितियों का सामना करने से निजात मिलेगी, जिसमें डीएनए टेस्ट के माध्यम से पिता का निर्धारण किया जाता है कि किसी लड़के या लड़की का पिता कौन है? हमने सबकुछ खुला रखा है ताकि किसी तरह की कोई उलझन वाली परिस्थिति से बचा जा सके."

अपने काम के पीछे की प्रेरणा के बारे में बताते हुए हूबन कहते हैं, "अधिकतर लोगों को लगता होगा कि मैं ऐसा बिना किसी ज़िम्मेदारी के सेक्स के लिए कर रहा हूँ, लेकिन मैं ही अकेला ऐसा इंसान हूँ जिससे आप इसके बारे में बात कर सकते हैं."

उन्होंने कहा, "जो बात मुझे सबसे ज़्यादा प्रेरित करती है वह है दुनिया में एक नई ज़िंदगी आने की उम्मीद, जिससे प्यार किया जाएगा और उसकी परवाह की जाएगी."

वह कहते हैं, "मैं अपनी भावनाओं को संतुलित रखने की कोशिश करता हूँ, यह बेहतर है. कई बार पिता बनने का अपना अनुभव है, लेकिन इसके लिए श्रेय लेने का कोई अर्थ नहीं है. क्योंकि आप बच्चों के माता-पिता से वादा करते हैं कि आप उनकी ज़िंदगी में दखल नहीं देंगे.

'कोई दबाव नहीं डालूंगा'

इमेज कॉपीरइट Science Photo Library

उनके अनुसार, "अगर माता-पिता या बच्चे मुझसे संपर्क रखना चाहते हैं तो मुझे ख़ुशी होगी. लेकिन हाल-फिलहाल मुझे इसे रोकना होगा. यह काफ़ी मुश्किल है, लेकिन मुझे पता है कि मेरे बच्चे कहाँ हैं और वे ख़ुश है."

अपने बच्चों की माँओं की भावनाओं के बारे में हूबेन कहते हैं, "मैं महिलाओं को बताने की कोशिश करता हूँ कि मैं उनके साथ किसी रिश्ते में नहीं हूँ, वे अकेली हैं या किसी के साथ रिश्ते में हैं, मैं उनके ऊपर कोई दबाव नहीं डालूंगा."

हालांकि ऐसा कर पाना उनके लिए भी ख़ासा मुश्किल होता है. वह कहते हैं, "मैं अकेला हूँ और सबके लिए खुली सोच रखता हूँ. शुरुआती दौर में दो रिश्तों को लेकर मैं गंभीर था जो लंबे समय तक चले."

वह अपने बच्चों के बारे में जानकारी एकत्रित कर चुके हैं. उन्होंने बताया, "मैं अपने सभी बच्चों के नाम, जन्म की तिथि और जन्म स्थान की सूची अपने पास रखता हूँ, यह काफ़ी महत्वपूर्ण है."

उन्होंने अपने कंप्यूटर में इसका डेटा बेस बना रखा ताकि किसी विवाद वाली स्थिति में बच्चों के पिता का निर्धारण किया जा सके.

'15 साल बाद मिला बच्चा'

इमेज कॉपीरइट Science Photo Library
Image caption हूबेन कहते हैं कि एक महिला को 15 सालों के इंतज़ार के बाद बच्चा हुआ.

वह बताते हैं, "मेरे बच्चे फ़्रांस, ब्रिटेन, अमरीका में हैं. मेरे पास एक अमरीकी दंपति कई सालों तक ब्रिटेन और अमरीका के कई अस्पतालों का चक्कर काटने के बाद एक सप्ताह के लिए आए. उन्होंने मेरे बारे में पढ़ा और मुझसे संपर्क किया. वह आठ दिनों तक मेरे पास रहे. उनकी पत्नी ने मेरे साथ चार बार संबंध बनाए, इसके बाद वह गर्भवती हुईं. वह दूसरे बच्चे के लिए भी अपने पति के साथ मेरे पास आईं."

इस मुश्किल परिस्थिति के बारे में हूबेन कहते हैं, "पिछले साल बेलारूस से मेरे पास एक दंपति हज़ार मील का सफ़र तय करके हर महीने पहुंचते थे. बच्चे की उम्मीद में वे पिछले 15 सालों से कोशिश कर रहे थे. डॉक्टर उनको दिलासा देते रहे. उन्होंने अपनी सारी बचत ख़र्च कर दी लेकिन उनको कोई मदद नहीं मिली."

वह कहते हैं, "यहाँ तीन बार आने के बाद उनकी पत्नी गर्भवती हुईं, इससे आप पति के सामने पत्नी के किसी अज़नबी के साथ सोने वाली स्थिति की गंभीरता का अनुमान लगा सकते हैं."

'मेरा अपना परिवार होगा'

उन पर पारंपरिक परिवार की महत्ता कम करने, अकेली महिलाओं और समलैंगिक जोड़ों को बच्चे के लिए बढ़ावा देने वाले आरोप भी लगे.

इसके बारे में वह कहते हैं, "पारंपरिक परिवारों से मेरा कोई विरोध नहीं है. लेकिन भविष्य में यूरोप के लोगों को परिवार के बारे में नए सिरे से विचार करना होगा."

अपने भविष्य की योजना के बारे में हूबेन कहते हैं, "मुझे अभी भी उम्मीद है कि मैं अपने लिए कोई रिश्ता खोज पाऊंगा और मेरा अपना परिवार होगा."

अपना परिवार बसाने के बाद वह अपनी सेवाएं जारी रखेंगे? इस सवाल पर वह कहते हैं, "यह काफ़ी हद तक मेरे साथी पर निर्भर करेगा. लेकिन साथी को भावनात्मक होने की बजाय यह देखना होगा कि मैं यह काम लोगों की मदद के लिए कर रहा हूँ."

हालांकि हूबेन शराब नहीं पीते हैं लेकिन संभव है कि अपवाद के तौर पर वह अपने सौंवे बच्चे के जन्म की ख़ुशियां मनाने के लिए ऐसा कर सकते हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार