हैरतअंगेज़ ढंग से बढ़ रही है शरणार्थियों की संख्या

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वर्ष 2013 में सीरिया, रूस और अफ़ग़ानिस्तान उन देशों में शामिल रहे, जहां से सबसे ज़्यादा लोगों ने शरण लेने के लिए दूसरे देशों की ओर पलायन किया.

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, औद्योगिक देशों में शरण लेने वालों की संख्या बढ़कर 28 फ़ीसदी हो गई.

समाचार एजेंसी एपी ने संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी के हवाले से कहा है कि ज़्यादातर शरणार्थी यूरोप में पनाह लेना चाहते हैं.

क़रीब तीन सालों से गृह युद्ध की मार झेल रहे सीरियाई शरणार्थियोंकी संख्या वर्ष 2013 में 56,351 रही, जो एक साल पहले के 25,232 की तुलना में दोगुनी हो गई.

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त कार्यालय (यूएनएचसीआर) के अनुसार फ़िलहाल दुनिया में सर्वाधिक शरणार्थियों का स्रोत सीरिया है, जिसने अफ़ग़ानिस्तान को पीछे छोड़ दिया. हालांकि अफ़ग़ानिस्तान अब तीसरे नंबर पर है.

रूस नंबर दो

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रूस से पलायन करने वालों की तादाद आश्चर्यजनक तरीक़े से बढ़ रही है. वर्ष 2012 में ये संख्या 22650 थी तो अब 39,779.

संयुक्त राष्ट्र के अंतरराष्ट्रीय संरक्षण के निदेशक वॉकर टर्क रूसी शरणार्थियों की संख्या बढ़ने के पीछे चेचेन्या की उथल-पुथल को वजह मानते हैं. रूसी शरणार्थी आमतौर पर जर्मनी और पोलैंड गए.

वैसे उनका अनुमान है कि सीरिया की शरणार्थी समस्या इस साल और बदतर हो सकती है.

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2012 में अफ़ग़ानिस्तान से बाहर जाने वाले शरणार्थी47,519 थे, लेकिन अब इस साल उनकी संख्या घटकर 38,653 रह गई.

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शरण चाहने वालों की सूची में इराक़ी (38,171) चौथे और सर्बियाई (34,660) पांचवें नंबर पर रहे.

समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक़, यूरोप के 38 देशों में शरणार्थियों के आवेदनों की बाढ़ आई हुई है. जर्मनी, फ़्रांस और स्वीडन सीरियाई लोगों के सबसे पसंदीदा शरणस्थल देश हैं.

सीरिया के शरणार्थियों की बढ़ती भीड़ बेशक औद्योगिक देशों में जाना चाहती है लेकिन इसने लाखों की संख्या में पड़ोसी देशों के कैंपों में भी पनाह ले रखी है. अकेले छोटे से लेबनान में ही क़रीब दस लाख सीरियाइयों ने डेरा डाला हुआ है.

32 फ़ीसदी ज़्यादा

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यूरोप में वर्ष 2013 में कुल मिलाकर 484,600 शरणार्थियों के आने का दावा किया गया. जो वर्ष 2012 की तुलना में 32 फ़ीसदी ज़्यादा है.

जर्मनी में 109,580, फ़्रांस में 60,100, स्वीडन में 54,360, तुर्की में 44,810, इटली में 27830, स्विटज़रलैंड में 19440 और हंगरी में 18570 शरणार्थी आवेदन प्राप्त हुए.

यूरोप से बाहर 88,360 शरणार्थियों के आवेदन आए. जिसमें आस्ट्रेलिया में शरण चाहने वालों की तादाद 24320 थी.

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार सीरिया से पलायन करने वालों की संख्या वर्ष 2011 के बाद से छह गुनी हो चुकी है.

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायोग के प्रमुख अंतोनियो गुतेरेस कहते हैं, '' इन आंकड़ों से ज़ाहिर है कि सीरिया की समस्या किस तरह तमाम देशों पर असर डाल रही है.''

90 का रक्तपात का दशक

हालांकि ये संख्या 90 के दशक में तब बहुत ज़्यादा हो गई थी, जब यूगोस्लाविया में रक्तपात का दौर चला था. वर्ष 1992 में वहां से पलायन करने वालों की संख्या क़रीब नौ लाख तक पहुंच गई थी.

टर्क कहते हैं कि वर्ष 2013 में शरणार्थियों के आवेदनों की बढ़ी संख्या मानवीयता के स्याह पहलू दिखाता है कि दुनिया में वास्तव में क्या ग़लत हो रहा है.

सबसे ज़्यादा शरणार्थियों के स्रोत दस देशों में छह ऐसे हैं जो हिंसा या टकराव के दौर से गुज़र रहे हैं, जिसमें अफ़ग़ानिस्तान, इरीट्रिया, सोमालिया, इराक़ और पाकिस्तान शामिल हैं.

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