एक मेट्रो ट्रेन जो अब लगेगी आर्ट गैलरी की तरह

  • 22 मार्च 2014
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ज़रा सोचिए कि कोई मेट्रो जब आपको पहली नज़र में किसी आर्ट गैलरी की तरह लगे तो आपकी प्रतिक्रिया क्या होगी.

ऐसी खबरें हैं कि दुबई मेट्रो में कुछ इसी तरह का प्रयोग किया जा रहा है.

(मुंबई चली मोनोरेल पर)

खबर के मुताबिक अमीरात के शासक ने ये आदेश दिया है कि दुबई मेट्रो सिस्टम को एक आर्ट गैलरी में बदलने का आदेश दिया है.

शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतौम ने कहा है कि वे काम पर जा रहे अपने हर कर्मचारी को, पढ़ने के लिए जा रहे हर विद्यार्थी को और दुबई आने वाले हर सैलानी को एक संदेश देना चाहते हैं, उसे प्रेरित करना चाहते हैं.

इस परियोजना के पहले चरण के लिए चार मेट्रो स्टेशंस का चयन किया गया है. एक स्टेशन को इस्लामी कला शैली और अरबी शैली की खूबसूरत इबारतों से सजाया जाएगा.

राष्ट्रीय कला महोत्सव

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इस आर्ट वर्क पर 1400 साल पुरानी इस्लामी सभ्यता की छाप दिखाई देगी.

(बदल रही है सफर की परिभाषा)

लेकिन इस परियोजना में केवल स्टेशन ही नहीं सँवारे जाएंगे बल्कि बिना ड्राइवर की स्वचालित मेट्रो ट्रेनों को भी बाहर और भीतर से सजाया जाएगा ताकि इस प्रोजेक्ट की झाँकी स्टेशन के बाहर भी लोग देख सकेंगे.

'दी एमिरट्स 24।7 न्यूज़' की वेबसाइट की खबर के मुताबिक अगले कुछ हफ्तों के भीतर इस परियोजना पर काम शुरू कर दिया जाएगा और अगले साल होने वाले राष्ट्रीय कला महोत्सव के आयोजन के लिए तय वक्त से पहले इसे पूरा कर लिया जाना चाहिए.

खाड़ी का अखबार 'गल्फ़ न्यूज़' कहता है कि दुबई में हर रोज तकरीबन पाँच लाख लोग इस पाँच साल पुरानी यातायात प्रणाली का इस्तेमाल करते हैं. इनमें से कई लोग अपने सफर के दौरान प्रस्तावित चार नए संग्रहालयों में से कम से कम से होकर जरूर गुजरेंगे.

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