कैसे पता चला लापता विमान की दुर्घटना का?

  • 25 मार्च 2014
विमान मलेशिया इमेज कॉपीरइट BBC World Service

मलेशिया के प्रधानमंत्री ने बताया है कि ब्रितानी वैज्ञानिकों और सैटेलाइट इनमारसैट के आधार पर किए गए नए विश्लेषण से पता चला कि लापता विमान एमएच370 हिन्द महासागर में दुर्घटनाग्रस्त हुआ है.

यात्रियों के रिश्तेदारों में शोक की लहर

मलेशिया के प्रधानमंत्री नजीब रज़ाक ने कहा कि विमान में मौजूद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों के परिवार को यह 'हृदयविदारक' सूचना दे दी गई है. विमान में कुल 239 लोग सवार थे.

रज़ाक का कहना था कि ब्रितानी संस्था इनमारसैट ने लापता विमान की अंतिम स्थिति पता करने के लिए नई तकनीकी का प्रयोग किया.

तलाश में ब्रिटेन की एयर एक्सीडेंट इनवेस्टीगेशन शाखा ने भी मदद की.

'कोई यात्री नहीं बचा'

कई देशों का सम्मिलित खोज दल पाँच दिन से हिंद महासागर के दक्षिणी हिस्से में विमान की तलाश कर रहा था.

मलेशिया एयरलाइंस का विमान संख्या एमएच370 आठ मार्च को उड़ान भरने के कुछ घंटे बाद ही लापता हो गया.

नई तकनीकी का प्रयोग

इमेज कॉपीरइट AP

इनमारसैट ने बीबीसी को बताया कि उसने एयर एक्सीडेंट इनवेस्टीगेशन ब्रांच को रविवार को नए आंकड़े दिए थे. सार्वजनिक सूचना देने से पहले इन आंकड़ों की जाँच किए जाने की ज़रूरत थी.

संस्था ने बताया कि उन्होंने जो नए आंकड़े दिए थे उसमें अलग अलग वजहों से जुड़े ढेरों आंकड़े थे. इसमें दूसरे विमानों के उड़ानों से जुड़ी जानकारियाँ भी थीं.

संस्था ने बताया कि इसके लिए उन्होंने बिल्कुल ही नई तकनीकी का प्रयोग किया.

रज़ाक ने कुआलालंपुर में एक पत्रकार वार्ता में जानकारी दी कि एएआईबी और इनमारसैट के विश्लेषण से पता चला है कि आख़िरी स्थिति की जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक विमान संख्या एमएच370 उस वक़्त ऑस्ट्रेलिया के पर्थ शहर के पश्चिमी तरफ़ उड़ रहा था.

उन्होंने कहा, "यह जगह काफ़ी सुदूर है. विमान उतरने की किसी भी जगह से काफ़ी दूर. यह बेहद दुखदायक और अफ़सोसनाक है कि मुझे आपको बताना ही होगा कि नए आंकड़ों के अनुसार विमान एमएच370 हिंद महासागर के दक्षिणी हिस्से में समाप्त हुआ."

विमान में शामिल लोगों के परिवार को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "पिछले कुछ हफ़्ते दिल तोड़ने वाले रहे हैं. मुझे पता है कि इस समाचार को सहन कर पाना बहुत कठिन है."

रज़ाक ने कहा कि मगंलवार को एक प्रेस वार्ता में इस लापता विमान के बारे में और विस्तृत जानकारी दी जाएगी.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार