यूक्रेन के 25 लोग रूस की हिरासत में

रूसी फौजें इमेज कॉपीरइट

रूस की संघीय सुरक्षा सेवा (एफ़एसबी) ने चरमपंथी हमले की साजिश रचने के आरोप में यूक्रेन के 25 लोगों को हिरासत में लिया है.

एफ़एसबी के अनुसार ये लोग पिछले महीने क्राईमिया में हुए जनमत संग्रह के दौरान चरमपंथी हमले की साजिश रच रहे थे.

एफ़एसबी का कहना है कि ये अतिवादी-राष्ट्रीयतावादी आंदोलन के सदस्य हैं और रूस में हमले की तैयारियों में जुटे थे.

वहीं यूक्रेनी सुरक्षा सर्विस ने रूसी मीडिया में इस आशय की ख़बरों को बेतुका बताया है.

तनाव उस समय चरम पर था जब रूस ने क्राईमिया प्रायद्वीप पर क़ब्ज़ा किया.

उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) का कहना है कि पश्चिमी यूक्रेन की सीमा पर रूस ने तब दसियों हज़ार सैनिक तैनात कर दिए थे.

अतिवादी तत्वों से संपर्क

मास्को में बीबीसी संवाददाता स्टीवन रोसेनबर्ग का कहना है कि एफ़एसबी ने जिन लोगों को हिरासत में लिया है, उनमें यूक्रेन के राष्ट्रवादी ग्रुप राइट सेक्टर के तीन सदस्य भी शामिल हैं.

इन लोगों पर रूसी फ़ौजों की गतिविधियों की तस्वीरें खींचने और रूस में अतिवादी तत्वों से संपर्क करने के आरोप हैं.

इमेज कॉपीरइट

एक बयान में एफ़एसबी ने बताया कि जिन्हें गिरफ़्तार किया गया वे 14 से 17 मार्च के बीच रूस के रोस्तोव, वोल्गोग्राद, तवेर, ओरेल, बेलगोरोद, कालमिकिया और तातारस्तान इलाक़ों में हमले की योजना बना रहे थे.

इससे पहले यूक्रेन के अधिकारियों ने मास्को पर आरोप लगाया था कि उसके 30 एफ़एसबी एजेंट इस साल के शुरू में कीएफ़ में सरकार विरोधी प्रदर्शनों की साजिश रचने वालों में शामिल थे.

यूक्रेनियाई सुरक्षा सर्विस के प्रमुख वेलेंतिन नेलीवायेचेंको ने कहा कि एफ़एसबी ने बड़े पैमाने पर विस्फोटक और हथियार विमान से यूक्रेन भेजे थे.

अंतरिम सरकार

पिछले साल नवंबर में यूक्रेन के राष्ट्रपति विक्टर यानुकोविच ने रूस से निकटतम रिश्ते बनाने के चलते यूरोपीय संघ से समझौता नहीं किया था. इसके विरोध में हुए विरोध प्रदर्शनों में सौ से ज़्यादा लोग मारे गए थे.

महीनों तक सड़कों पर चले विरोध प्रदर्शन तब ख़त्म हुए जब यानुकोविच फ़रवरी में कीएफ़ से भाग निकले. तब विपक्षी नेताओं ने एक अंतरिम सरकार गठित की.

इमेज कॉपीरइट

यूक्रेन के नए अधिकारियों ने फिर यूरोपीय संघ के साथ राजनीतिक समझौते पर दस्तखत किए.

गुरुवार को यूक्रेन के गृह मंत्री आर्सेन अवाकोव ने कहा कि जांच से पता चला है कि कीएफ़ में सरकार विरोधी प्रदर्शनों में कत्लेआम के पीछे स्पेशल पुलिस का हाथ था.

उनका कहना है कि बेरकुट पुलिस के 12 सदस्यों को छिपकर गोली मारने वालों के तौर पर चिन्हित किए जाने के बाद गिरफ़्तार कर लिया गया है.

क़त्लेआम के सबूत

उन्होंने कहा कि उनके पास 18-20 फ़रवरी के बीच गोलीबारी के नए सबूत हैं, जिसमें 76 लोगों की जान गई थी.

अवाकोव ने कहा कि एक मामले में तो आठ लोगों को एक ही बंदूक से मारे जाने की जांच शुरू कर दी गई है.

तमाम प्रदर्शनकारी इंडिपेंडेंस चौराहे पर स्थित मुख्य विरोधी कैंप के क़रीब इनस्तितुत्स्का स्ट्रीट पर मारे गए थे.

यानुकोविच के पतन के तुरंत बाद रूस ने एक जनमत संग्रह के ज़रिए क्राईमिया प्रायद्वीप पर क़ब्ज़ा कर लिया, हालांकि पश्चिम इसे पहले ही अवैध क़रार दे चुका है.

ज़िम्मेदार

यूक्रेन के प्रधानमंत्री अर्सेनिया यात्सेनयुक ने बीबीसी से कहा, ''ये एकदम साफ़ है कि राष्ट्रपति यानुकोविच औऱ उनके सहयोगी प्रदर्शनकारियों के क़त्लेआम के लिए ज़िम्मेदार हैं.''

हालांकि रूस में रह रहे यानुकोविच ने इसका खंडन किया है.

गुरुवार को रूस ने यूक्रेन को दी जाने वाली गैस के दाम 485 डालर प्रति क्यूबिक मीटर तक बढ़ा दिए. दो दिन में यह दूसरी बढ़ोतरी है.

वहीं यूरोपीय संसद ने यूक्रेन से आयात पर कस्टम ड्यूटी घटाने का प्रस्ताव किया है, जिससे यूक्रेन की कंपनियों को हर साल 487 मिलियन यूरो की बचत होगी.

(बीबीसी हिंदी का एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें. आप हमारे फ़ेसबुक पन्ने पर भी आ सकते हैं और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार