गवाही के दौरान भावुक हुए पिस्टोरियस, माफी मांगी

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अपनी प्रेमिका की हत्या मामले की सुनवाई के दौरान गवाही के पहले दिन दक्षिण अफ्रीका के एथलीट ऑस्कर पिस्टोरियस ने भावुक होते हुए अपनी प्रेमिका के परिजनों से माफी मांगी.

कांपती हुई आवाज़ में पिस्टोरियस ने कहा कि वे अपनी प्रेमिका रीवा स्टीनकैंप को बचाने की कोशिश कर रहे थे. उन्होंने ये भी कहा कि वे रीवा के घरवालों की अथाह पीड़ा का अंदाजा भी नहीं लगा सकते.

पिस्टोरियस ने बताया कि रीवा स्टीनकैंप की हत्या वाली उस रात के बाद उन्हें डरावने सपने आने लगे हैं. नींद में उन्हें अक्सर स्टीनकैंप के ख़ून की बू आने लगती है और वे घबरा कर उठ बैठते हैं.

अभियोजन पक्ष का कहना है कि पिस्टोरियस ने फरवरी 2013 में घर पर हुई बहस के बाद रीवा को गोली मारी थी जबकि पिस्टोरियस का कहना है कि उन्होंने रीवा को ग़लती से घर में घुसा कोई व्यक्ति समझ लिया था.

तकलीफ और खालीपन

पैरा-ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक विजेता ने स्टीनकैंप के रिश्तेदारों को बताया, "उस हादसे के बाद कोई पल ऐसा नहीं गुज़रा जब मैंने आप लोगों के बारे में नहीं सोचा."

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ऑस्कर ने आगे कहा, "मैं तो बस रीवा को बचाने की कोशिश कर रहा था. मैं दावा कर सकता हूं कि उस रात सोने के पहले वह मेरे प्यार के अहसासों से भरी हुई थी."

उन्होंने बताया, "मैंने कई बार अपनी तकलीफ को शब्दों में समेटने की कोशिश की, कई बार चाहा तुम्हें लिखूं. मगर मेरी भावनाएं शब्दों में व्यक्त नहीं हो पाईं."

प्रिटोरिया की अदालत खचाखच भरी थी. अदालत में जब पिस्टोरियस बोल रहे थे, स्टीनकैंप की मां ज्यून का चेहरा भावशून्य दिखा.

आपराधिक गतिविधियों

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अपने बचपन को याद करते हुए 27 वर्षीय एथलीट ने अदालत को बताया कि उनका बचपन बेहद मुश्किलों भरा रहा.

छोटी उम्र में ही उन्होंने अपने दोनों पांव खो दिए थे. उसकी जगह बनावटी पैर लगाने पड़े.

थोड़ी देर के विराम के बाद वापस लौटे पिस्टोरियस से पूछा गया कि कहीं वे और उनका परिवार किसी तरह की आपराधिक गतिविधियों में तो शामिल नहीं रहे हैं.

उन्होंने बताया कि बचपन से लेकर बड़े होने तक उनका कई बार अपराधियों से सामना हुआ.

सिर में टांके

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पिस्टोरियस ने बचपन की घटनाओं को याद करते हुए बताया कि एक बार उनका पीछा करती हुई एक कार उनके मोहल्लेतक आ गई. उन्होंने आगे बताया कि उनके पास बंदूक थी इसलिए कार मे सवार दो लोग वहां से भाग गए.

इसी तरह के एक दूसरे मौके पर एक बार उन्होंने देखा कि कुछ लोग टैक्सी ड्राइवर को तंग कर रहे हैं, तो उन्होंने उसे बचाने के लिए अपनी पिस्तौल निकाल ली थी.

गवाही देते हुए पिस्टोरियस बोले, "वे लोग टैक्सी ड्राइवर के चेहरे और सिर पर पत्थर से वार कर रहे थे. तभी मैं वहां आ पहुंचा. मैंने अपनी बंदूक निकाली और उन तीनों पर तान दी. वे डर कर फटाक से टैक्सी में बैठे और वहां से फुर्र हो गए."

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पिस्टोरियस ने बताया कि दिसंबर 2012 में एक पार्टी में किसी ने उन पर हमला किया था. उस हमले में सिर पर ऐसी चोट आई थी कि कई टांके लगाने पड़े थे."

भगवान का आशीर्वाद

धर्म उनके लिए कितना मायने रखता है, इसके बारे में बताते हुए पिस्टोरियस ने कहा, "जब मैं रीवा से पहली बार मिला तो लगा कि वह मुझे भगवान के आर्शीवाद से मिली है. मैं हमेशा से एक ईसाई लड़की की कामना करता था. वह एक सच्ची ईसाई थी."

वे तब अति भावुक हो उठे जब उन्होंने कहा, " मेरा ईश्वर, पनाहगारों का देवता है." इसके बाद उनके वकील बैरी रॉक्स ने थोड़ी देर के लिए मुकदमा स्थगित करने की गुजारिश की.

अदालत में मौजूद बीबीसी संवाददाता प्यूमजा फिहलानी ने बताया कि बचाव पक्ष के वकील ये साबित करने की कोशिश कर रहे थे कि पिस्टोरिय का जीवन भय, असुरक्षा और तकलीफों से भरा था.

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बचाव पक्ष के वकील बैरी रॉक्स ने बताया कि वे बैलिस्टीक, यूरीन सैंपल, शौचालय के दरवाजे को हुई क्षति, आवाज, अक्षमता और असुरक्षा की गवाही के लिए 14 से 17 गवाहों को अदालत में उपस्थित करेंगे.

पैथोलॉजिस्ट जेन बोथा बचाव पक्ष की ओर से पेश किए गए पहले वकील थे.

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