यूक्रेन संकट पर अगले हफ़्ते बड़ी बैठक

  • 9 अप्रैल 2014
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यूक्रेन में बढ़ते तनाव पर चर्चा करने के लिए यूरोपीय संघ, रूस, अमरीका और यूक्रेन के वरिष्ठ अधिकारी अगले हफ़्ते मिलेंगे.

यूक्रेन में संकट पैदा होने के बाद चारों पक्षों की यह पहली बैठक होगी.

बैठक में यूरोपीय संघ की विदेश नीति की प्रमुख कैथरीन एश्टन, अमरीकी विदेश मंत्री जॉन कैरी, रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री देशचिस्टिया भाग लेंगे.

रूस ने फ़रवरी में क्राईमिया पर कब्ज़ा किया था और सीमा पर अपने सेनाओं को तैनात कर दिया था.

यूक्रेन और अमरीका ने रूस पर यूक्रेन में रूसी बोलने वाले पश्चिमी हिस्से और इलाक़ों पर कब्ज़े की नीयत से अशांति फैलाने का आरोप लगाया है. इसका रूस ने ज़ोरदार खंडन किया है.

मान्यता देने से इनकार

रूस ने यूक्रेन में रूस समर्थक राष्ट्रपति विक्टर यानुकोविच को फ़रवरी में अपदस्थ किए जाने के आए नए अधिकारियों को मान्यता देने से इनकार कर दिया है.

हालांकि अगले हफ़्ते होने वाली इस उच्चस्तरीय बैठक की जगह और समय की घोषणा अभी नहीं की गई लेकिन यूरोपीय संघ के एक अधिकारी ने इतना कहा कि इस दौरान ये अधिकारी यूरोप में होंगे.

एश्टन की एक प्रवक्ता ने कहा, ''यूक्रेन में तनाव को कम करने के लिए राजनयिक प्रयास जारी रहेंगे. इसी सिलसिले में एश्टन अगले हफ़्ते अमरीका, रूस और यूक्रेन के विदेश मंत्रियों से मुलाक़ात करेंगी.''

मंगलवार को नैटो ने रूस को चेतावनी देते हुए कहा था कि यूक्रेन में आगे किसी और हस्तक्षेप ऐतिहासिक ग़लती होगी और इसके गंभीर परिणाम होंगे.

नैटो महासचिव एंडर्स फ़ॉग रासमुसैन ने कहा कि रूस को पूर्वी यूक्रेन से लगती अपनी सीमा पर से सेना को हटा लेना चाहिए.

उन्होंने कहा, ''मैं रूस से पीछे हटने और पूर्वी यूक्रेन में हालात को और ख़राब न करने की अपील करता हूँ.''

रूस के हित

रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने कहा कि उनका यूक्रेन पर हमला करने का कोई इरादा नहीं है. लेकिन वहाँ अपने हितों की रक्षा करने का अधिकार उनके पास है.

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पूर्वी यूक्रेन में सप्ताहांत में तनाव उस समय बढ़ गया था, जब रूस समर्थक कार्यकर्ताओं ने दोनेस्तक, लुहांस्क और खारकीव में क्षेत्रीय सरकारी इमारतों पर कब्ज़ा कर वहाँ रूसी झंडा फहरा दिया.

मंगलवार को यूक्रेन के अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने खारकीव में इमारत पर नियंत्रण हासिल कर 70 लोगों को हिरासत में लिया है. उनका कहना था कि इस कार्रवाई में कोई ख़ून-ख़राबा नहीं हुआ.

लेकिन लुहांस्क में अधिकारियों ने अतिवादी लोगों पर राज्य की सुरक्षा इमारत पर क़ब्ज़ा करने, उसमें विस्फोटक रखने और 60 लोगों को बंधक बनाकर रखने का आरोप लगाया है.

लेकिन इस इमारत पर क़ब्ज़ा करने वाले कार्यकर्ताओं ने विस्फोटक रखने और लोगों को बंधक बनाने के आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि उन लोगों ने स्वचालित राइफ़लों से भरे एक शस्त्रागर पर क़ब्ज़ा कर लिया था.

दोनेस्तक में प्रदर्शनकारी स्थानीय इमारत में अभी भी बने हुए हैं और यूक्रेन से अलग होने को लेकर जनमत संग्रह कराने की मांग कर रहे हैं.

रूस ने कहा है कि अगर यूक्रेन ने प्रदर्शनों को ख़त्म करने के लिए बल का प्रयोग किया तो देश में गृहयुद्ध छिड़ सकता है.

बढ़ता वाकयुद्ध

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रूस और पश्चिमी देशों के बीच वाकयुद्ध मंगलवार को और बढ़ गया. अमरीकी विदेश मंभी जॉन कैरी ने कहा कि पिछले 24 घंटे में पैदा हुई अव्यवस्था के पीछे रूस के विशेष सुरक्षा बलों और एजेंटों का हाथ है.

वहीं यूरोपीय संघ के एक अधिकारी ने मंगलवार को बीबीसी से कहा था कि यूक्रेन को मिलने वाली सहायता के समन्वय के लिए यूरोपीय संघ एक सपोर्ट ग्रुप बना रहा है.

इस समूह में कई लोग होंगे और इसका काम सोवियत संघ में शामिल रहे जॉर्जिया और मोलदोवा तक बढ़ाया जा सकता है.

पिछले साल यूक्रेन के तत्कालीन राष्ट्रपति यानुकोविच के यूरोपीय संघ के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर करने से इनकार के बाद उनके ख़िलाफ़ प्रदर्शनों का दौर शुरू हो गया था. यानुकोविच को फ़रवरी में भागकर रूस जाना पड़ा था.

देश में इन विरोध-प्रदर्शनों के दौरान सौ से अधिक लोगों की मौत हो गई थी.

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