पूर्वी यूक्रेन के दौरे पर कार्यवाहक प्रधानमंत्री

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Image caption रूसी समर्थक अलगाववादियों ने पूर्वी यूक्रेन के दोनेत्स्क और लुहान्स्क शहरों में सरकारी इमारतों पर कब्ज़ा कर रखा है.

यूक्रेन के कार्यवाहक प्रधानमंत्री देश के पूर्वी हिस्से का दौरा कर रहे हैं जहां रूस समर्थक प्रदर्शनकारियों ने कई इमारतों पर नियंत्रण कर लिया और तनाव का मौहाल है.

प्रधानमंत्री आर्सेनीय यात्सेनयुक दोनेत्स्क शहर का दौरा करेंगे जहां प्रदर्शनकारी 'संप्रभु पीपल्स रिपब्लिक' की घोषणा कर चुके हैं.

वो स्थानीय नेताओं से मिलेंगे, जिनमें दोनेत्स्क के गवर्नर और शहर के मेयर भी शामिल हैं.

ये दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब रूस और यूक्रेन के बीच गैस आपूर्ति के बकाया भुगतान को लेकर भी तनाव तेज़ हो गया है. इससे पहले यूक्रेन का क्राईमिया क्षेत्र रूस में शामिल हो चुका है.

नैटो का कहना है कि रूस के लगभग 40 हजार सैनिक यूक्रेन की सीमा पर तैनात हैं.

पुतिन की चेतावनी

दूसरी तरफ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूरोपीय नेताओं को चेतावनी दी है कि यूक्रेन द्वारा रूस को गैस के लिए भुगतान में देरी होने से एक 'नाज़ुक स्थिति' पैदा हो गई है.

यूरोपीय संघ के कई देशों में रूस से गैस यूक्रेन के रास्ते पाइपलाइनों से पहुंचाई जाती है और ऐसी आशंका हैं कि मौजूदा तनाव से गैस की कमी हो सकती है.

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रूसी समर्थक अलगाववादियों ने पूर्वी यूक्रेन के दोनेत्स्क और लुहान्स्क शहरों में सरकारी इमारतों पर कब्ज़ा कर रखा है.

यूक्रेन के प्रधानमंत्री आर्सेनी यात्सेनयुक अलगाववादियों से मिलने के लिए पूर्वी शहरों की यात्रा पर जा रहे हैं. वहां वह स्थानीय नेताओं से मुलाक़ात करेंगे.

इस बीच एक यूरोपीय मानवाधिकार संस्था ने रूस के मताधिकार को रद्द कर दिया है.

द पार्लियामेंट्री असेंबली ऑफ़ द काउंसिल ऑफ़ यूरोप (पेस) रूस और यूक्रेन समेत 47 सदस्य देशों में मानवाधिकारों पर निगरानी रखती है. पिछले महीने रूस द्वारा क्राईमिया पर कब्ज़े का विरोध करते हुए पेस ने रूस के मताधिकार और चुनाव पर्यवेक्षक अभियानों में रूस के शामिल होने पर प्रतिबंध लगा दिया है.

रूसी प्रतिनिधिमंडल ने पेस की बैठक को एक 'तमाशा' बताते हुए उसका बहिष्कार किया था.

'नाज़ुक स्थिति'

रूस की सरकारी गैस कंपनी गाज़प्रॉम का कहना है कि रूसी गैस की सप्लाई के लिए यूक्रेन पर दो अरब डॉलर से ज़्यादा का क़र्ज़ हो गया है.

बुधवार को गाज़प्रॉम ने कहा कि कंपनी यूक्रेन से अग्रिम भुगतान की मांग कर सकती है लेकिन राष्ट्रपति पुतिन ने कहा है कि रूस के 'अपने सहयोगियों' के साथ बातचीत होने तक कंपनी को रुकना चाहिए. ऐसा माना जा रहा है कि पुतिन का इशारा यूरोपीय संघ की ओर था.

पुतिन के प्रवक्ता ने बताया कि यूरोपीय नेताओं को एक पत्र लिख राष्ट्रपति पुतिन ने चेतावनी दी है कि ये 'नाज़ुक' स्थिति यूरोप में गैस की सप्लाई पर असर डाल सकती है.

क्रेमलिन द्वारा जारी पत्र के मुताबिक़ अगर यूक्रेन गैस के बिल का भुगतान नहीं करता है, तो गाज़प्रॉम को 'मजबूर होकर' अग्रिम भुगतान का सहारा लेना पड़ेगा और अगर वो भुगतान भी नहीं होता तो कंपनी 'पूरी तरह या आंशिक तौर पर गैस की सप्लाई रोक देगी.'

व्लादिमीर पुतिन ने आगे लिखा है कि 'यू्क्रेन की अर्थव्यवस्था को स्थिर करने और उसके पुनर्निमाण की कोशिशों में यूरोपीय संघ के साथ रूस शामिल होने के लिए तैयार है' लेकिन सिर्फ़ 'बराबरी की शर्तों' पर.

पुतिन का ये भी कहना है कि जहां रूस सस्ती गैस बेच कर यूक्रेनी अर्थव्यवस्था की मदद करता रहा है, वहीं यूरोप यूक्रेन के कच्चे माल का दोहन कर, व्यापार घाटा बढ़ाता रहा है.

अमरीकी प्रतिक्रिया

अमरीकी विदेश मंत्रालय ने बाद में कहा कि वो 'ऊर्जा का इस्तेमाल कर रूस द्वारा यूक्रेन पर ज़ोर डालने की कोशिशों की निंदा करता है.'

विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता जेन प्साकी ने कहा कि रूस जिस दाम पर यूक्रेन को गैस बेच रहा है, वो 'यूरोपीय संघ के सदस्यों द्वारा दिए जाने वाले औसत दाम से कहीं ज़्यादा है.'

यूरोपीय संघ की लगभग एक तिहाई प्राकृतिक गैस रूस से आती है.

बीते सालों में रूस और यूक्रेन के बीच गैस विवादों से यूरोपीय संघ के कई देशों में गैस की भारी किल्लत हो गई थी. यूरोपीय संघ का कहना है कि उसके पास अतिरिक्त गैस और रिवर्स-फ्लो तकनीक है जो मौजूदा समय में गैस सप्लाई की रोक से निपट सकती है.

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Image caption नेटो ने कई सैटेलाइट तस्वीरें जारी की हैं जिनके मुताबिक मार्च के आखिर और शुरुआती अप्रैल में लगभग 40 हज़ार रूसी सुरक्षाबल और टैंक, हथियारबंद वाहन और विमान यूक्रेन की सीमा पर तैनात हैं.

सैन्य तैनाती

इस बीच नेटो ने कई सैटेलाइट तस्वीरें जारी की हैं जो दिखाती हैं कि मार्च के आख़िर और अप्रैल के शुरुआत में लगभग 40 हज़ार रूसी सुरक्षाबल और टैंक, हथियारबंद वाहन और विमान यूक्रेन की सीमा पर तैनात हैं.

बेल्जियम में नेटो मुख्यालय में ब्रितानी ब्रिगेडियर गैरी डीकिन ने कहा कि ये सुरक्षाबल ''बहुत सक्षम, तैयार और संपर्क लाइनों और रास्तों के नज़दीक है."

लेकिन रूस की रिया नोवोस्ती समाचार एजेंसी के मुताबिक़ एक रूसी सैन्य अधिकारी ने इस बात से इनकार किया कि सीमा पर सुरक्षाबलों की तैनाती हो रही है और कहा कि ये तस्वीरें पिछले साल अगस्त की हैं.

यूक्रेन के बारे में रूस और पश्चिमी देशों के बीच गतिरोध को सुलझाने के लिए रूस, अमरीका, यूक्रेन और यूरोपीय संघ के बीच अगले गुरुवार को जेनेवा में बैठक होगी.

यूक्रेन संकट शुरु होने के बाद ये पहली चतुर्पक्षीय बातचीत होगी.

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