तस्वीरेंः यूक्रेन के करीब रूसी सेनाओं की मौजूदगी

  • 11 अप्रैल 2014
उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नेटो) के सुप्रीम हेड्क्वॉर्टर्ज़ अलाइड पावर्स यूरोप (शेप) की तरफ़ से जारी की गई तस्वीरें इमेज कॉपीरइट Reuters

बीबीसी के कूटनीतिक संवाददाता जोनॉथन मार्कस के मुताबिक़ नेटो की तरफ़ से 20 सैटेलाइट तस्वीरें और यूक्रेन के पूर्वी सीमा क्षेत्र से जुड़े रूसी सैनिकों की मौजदूगी वाली जानकारी सार्वजनिक होने के बाद यह स्पष्ट है कि यूक्रेन के ख़िलाफ़ सैन्य कार्रवाई का रूसी विकल्प खुला हुआ है.

उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नेटो) के सुप्रीम हेड्क्वॉर्टर्ज़ अलाइड पावर्स यूरोप (शेप) की तरफ़ से जारी की गई यह तस्वीरें मार्च से आख़िर से अप्रैल के शुरुआत तक की बताई जा रही हैं.

इसमें यूक्रेन के सीमा क्षेत्र की एक वृत्ताकार क्षेत्र में मौजूद छह जगहें शामिल हैं.

इन सैटेलाइट से प्राप्त तस्वीरों में युद्ध के परिष्कृत हथियार, हेलीकॉप्टर्स, एअरबोर्न अर्ली वार्निंग एअरक्रैफ़्ट्स हैं.

यह नेटो के एअरबोर्न अर्ली वार्निंग एण्ड कंट्रोल एअरक्रैफ़्ट या अवाक्स जैसे हैं.

इसके अलावा ज़मीन पर सैन्य टुकड़ियों की तैनाती दिखाई देती है.

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सैटेलाइट से प्राप्त इस तस्वीर में पहले खाली पड़े बुटुर्लिनोवोको हवाई अड्डे के समीप इमारतों से घिरी तीन जगहों को दिखाया गया है.

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दो अप्रैल की बताई जाने वाली इस तस्वीर में रूसी एसयू-27/30 फ्लैंकर्स और एसयू-24 फ़ेंसर्स की हवाई अड्डे पर तैनाती दिखायी गई है.

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यह काफ़ी रोचक है कि एक विशेष सैन्य दस्ता (एअरबोर्न) अज़ोव के समुद्री क्षेत्र के करीब स्थित हवाई अड्डे पर तैनात किया गया है जो यूक्रेन हवाई अड्डे से करीब 20 किलोमीटर दूर है.

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22 मार्च की बताई जाने वाली तस्वीर में एक बेरिव ए-5- मेनस्टे एअरबोर्न अर्ली वार्निंग एअरक्रैफ़्ट को येस्क क्षेत्र में दिखाया गया है.

इसके अलावा अन्य जगहों पर भी टैंक, शस्त्रों से लैस पैदल सेना और सेना की विशिष्ट टुकड़ियों की तैनाती देखी जा सकती है. उनके पास लंबे समय तक वहां टिके रहने के लिए साजोसामान है.

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इस तस्वीर को 26 मार्च का बताया गया है. इसमें रूस के बेलगोरोद क्षेत्र में होने वाली हलचल को देखा जा सकता है.

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सैटेलाइस से प्राप्त 26 मार्च की तस्वीर में राइफ़ल रेजीमेंट की टुकड़ी को देखा जा सकता है.

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राइफ़लों से लैस टुकड़ी को 27 मार्च की बताई जाने वाली तस्वीरे में सैन्य अभ्यास में हिस्सा लेते हुए दिखाया गया है.

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27 मार्च की बताई जाने वाली तस्वीर में रूसी टैंकों और सेना के पैदल सैनिकों को सैटेवाइट से प्राप्त तस्वीर में दक्षिणी रूस के समीप कुज़मिंका में सैन्य मौजूदगी दिखाई गई है.

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यूक्रेन की पूर्वी सीमा के समीप स्थित इस सैटेलाइट तस्वीर में बख़्तरबंद गाड़ियों और सेना को होने वाली आपूर्ति की स्थिति देखी जा सकती है.

तस्वीरें कब की हैं"?

रूस ने नेटो की तरफ़ से जारी की गई तस्वीरों के बारे में कहा है कि वास्तव में यह तस्वीरें 2013 में ली गई थी.

हालांकि नेटो रूस के इस बयान को मानने से इनकार कर रहा है.

उसका कहना है, "शेप की तरफ़ से जारी की गई तस्वीरों की तिथि डि़जिटल ग्लोब सैटेलाइट के उपकरणों द्वारा मार्च के आख़िर औऱ अप्रैल के शुरुआत में ली गई हैं. यह तस्वीरें डिजिटल ग्लोब के पब्लिक आर्काइव में उपलब्ध हैं. सुप्रीम हेड्क्वॉर्टर्ज़ अलाइड पावर्स यूरोप (शेप) किसी भी तस्वीर को जारी करने से पहले संपादित या परिवर्तित नहीं करता है."

गुरुवार नेटो ने डिजिटल ग्लोब से हासिल की गई समान भौगोलिक क्षेत्र की 2013 और 2014 के पूर्व की अतिरिक्त तस्वीरें जारी करते हुए कहा, "उस समय इस क्षेत्र में कोई सैन्य गतिविधि नहीं हो रही थी."

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17 मार्च की बताई जाने वाली नेटो की तरफ़ से जारी तस्वीर में कुज़मिंका के समीप रूसी सेनाओं की मौदूगी दर्शाई गई है.

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25 अक्टूबर 2013 को सुप्रीम हेड्क्वॉर्टर्ज़ अलाइड पावर्स यूरोप (शेप) द्वारा जारी की गई तस्वीर में कुज़मिंका क्षेत्र खाली दिखाई देता है.

नेटो के एक वरिष्ठ प्रवक्ता का कहना है, "इस क्षेत्र में सैन्य गतिविधि मार्च के शुरूआत में हुई है."

उन्होंने कहा, "नेटो अपनी बात पर कायम है कि यूक्रेन सीमा के समीप 35,000 से 40,000 की संख्या में सैनिक हैं, जो टैंकों, युद्धक विमान, पैदल सेना और साजो-सामान के साथ मौजूद हैं."

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