द.कोरिया: नौका दुर्घटना के बाद ख़राब मौसम से बाधा

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दक्षिण कोरिया में नौका दुर्घटना में ख़राब मौसम, धुंधले पानी और पानी की तेज़ धारा के चलते राहत और बचाव कार्यों में बाधा हो रही है.

इस नाव पर सवार क़रीब 300 लोग अभी भी लापता हैं और आपातकालीन सेवा के लोग उनकी तलाश में जुटे हुए हैं.

नाव पर कुल 475 लोग सवार थे. अधिकारियों के अनुसार अभी तक 179 लोगों को बचाया जा चुका है.

इन नाव पर सवार लोगों में अधिकतर हाई स्कूल के छात्र थे.

अभी तक नौ लोगों के मरने की पुष्टि हो चुकी है और दर्जनों घायल हैं. खोज दल रात भर तलाशी करता रहा लेकिन समुद्र की लहरों ने उनके प्रयासों को सफल नहीं होने दिया.

तेज़ लहरें

माना जा रहा है कि नाव के अंदर अब भी कई लोग फंसे हुए हैं.

नाव उत्तर पश्चिम में सियोल बंदरगाह से दक्षिण में जेजू द्विप की तरफ़ जा रही था.

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अभी तक नाव डूबने के कारणों का पता भी नहीं चल पाया है. योनहाप समाचार एजेंसी ने ख़बर दी है कि नाव के कप्तान से पूछताछ की जा रही है.

सुरक्षा और लोक प्रशासन मंत्री कांग ब्युंग-क्यु ने कहा, "हम पानी में रात से लेकर तड़के सुबह तक पांच बार तलाशी अभियान चला चुके हैं, लेकिन समुद्र की तेज़ लहरें और समुद्र की चाल बाधाएँ पैदा कर रही हैं. "

मरने वाले नौ लोगों में चार छात्र, एक 25 वर्षीय शिक्षक और चालक दल की एक 22 वर्षीय महिला सदस्य की पहचान की जा चुकी है.

अन्य तीन मृतकों की पहचान अभी नहीं हो सकी है.

नवीनतम आकड़ों के अनुसार 475 लोग नाव पर सवार थे. इस बारे में सरकार के आंकड़ें कई बार बदल चुके हैं, जिससे उसकी आलोचना हो रही है.

दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना

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बचाव दल की कोशिशों का सारा ध्यान नाव के ऊपर है जो पानी के 100 फीट नीचे डूबी हुई है.

एक वरिष्ठ आपातकालीन अधिकारी ने कहा है कि शेष यात्रियों के जिंदा पाए जाने की संभावना कम है.

अमरीकी नौसेना ने खोज में सहायता के लिए धीमी गति वाला हमलावार जहाज यूएसएस रिचर्ड भेजा है.

इस दुर्घटना में बचने वाले कई लोगों ने कहा कि जब नौका डूबने लगी तो यात्रियों को अपनी जगह पर बने रहने को कहा गया.

उन लोगों ने बताया कि नौका के ज़ोर से हिलने के पहले जोर का धमाका हुआ और नाव एक तरफ झुक गयी.

कुछ लोग समुद्र में जीवनरक्षक जैकेट पहन कर कूद गए और तैरते हुए बचाव में जुटी नावों और व्यावसायिक जहाजों तक पहुंच गए.

दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति पार्क गिउन-हाय ने इस घटना पर शोक व्यक्त करते हुए कहा, "ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में शैक्षणिक यात्रा पर गए छात्रों का शिकार होना " वाकई में दुखद है." सिवोल नाम के इस नाव की क्षमता 900 लोगों की है.

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