अमरीका ने कहा वापस करेगा ईरान का फंड

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ईरान ने अपना अपना आधा यूरेनियम भंडार नष्ट कर दिया है. अमरीका ने माना की छह शक्तिशाली देशों और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रमों को लेकर हुए समझौते पर ईरान ने अपना वादा निभाया है. अमरीका ने कहा ईरान को पहले 450 करोड़ डॉलर दिया जाएगा.

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी का कहना है कि ईरान ने 2014 के शुरूआत में हुए जेनेवा समझौते का पालन करते हुए अपने आधे यूरेनियम के भंडार को निष्क्रिय कर दिया है.

जेनेवा में दुनिया के छह शक्तिशाली देशों के साथ ईरान ने समझौता कर अपने परमाणु कार्यक्रमों पर लगे प्रतिबंध में आंशिक रियायत की बात मान ली थी.

अच्छे संकेत

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आईएईए ने माना की समझौते के अनुसार ईरान ने अपने आधे परमाणु भंडार को निष्क्रिय कर दिया है.

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) छह शक्तिशाली देशों के साथ हुए ईरान के परमाणु कार्यक्रमों पर हुए समझौते पर लगातार नज़र रखे हुए थी.

अमरीका ने आईएईए की रिपोर्ट के आधार पर ईरान को 450 करोड़ डॉलर का फंड देने की मंज़ूरी दे दी है.

ईरान भी अपने परमाणु कार्यक्रमों पर लगे प्रतिबंध में आंतरिक रियायत पर समझौते के लिए तैयार हो गया था.

दुनिया की छह शक्तिशाली देश, जिन्हें पी5 +1 के नाम से जाना जाता है, का मानना है कि ईरान अपने यूरेनियम भंडार का इस्तेमाल परमाणु बम बनाने में कर सकता है.

ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम एक शांतिपूर्ण कार्यक्रम हैं.

अपने गोपनीय रिपोर्ट में आईएईए ने कहा है कि ईरान ने अपने आधे यूरेनियम भंडार को नष्ट कर दिया है.

विएना से बीबीसी संवाददाता बेथनी बेल का कहना है कि आईएईए की इस रिपोर्ट को पश्चिमी देश एक अच्छा संकेत मान रहे हैं. पश्चिमी देशों का मानना है कि ऐसा करने से अब ईरान को परमाणु हथियार बनाने में बहुत समय लगेगा.

अमरीका ने कहा है कि सभी पक्षों ने समझौते की शर्तों को बख़ूबी निभाया है. इसलिए अमरीका जब़्त किए गए पैसों को ईरान को किश्तों में वापस देगा.

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