पाकिस्तान: जियो न्यूज़ को बंद करने की मांग

  • 23 अप्रैल 2014
हामिद मीर पर हमले के खिलाफ प्रदर्शन इमेज कॉपीरइट AFP

पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने देश में मीडिया पर नज़र रखने वाली संस्था पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया नियामक प्राधिकरण (पीइएमआरए) से निजी क्षेत्र में देश के सबसे बड़े टीवी चैनल जियो न्यूज़ का प्रसारण तुरंत बंद करने की मांग की है.

रक्षा सचिव आसिफ़ यासीन मलिक ने बीबीसी उर्दू से बातचीत में जियो न्यूज़ के ख़िलाफ़ पीआएमआरए में शिकायत करन की पुष्टि की.

रक्षा मंत्रालय की प्रवक्ता नारिता फ़रहान ने बीबीसी को बताया कि रक्षा मंत्री ख़्वाजा आसिफ़ ने पीइएमआरए अध्यादेश 2002 की धारा 32 और 36 के तहत दायर अपील में जियो न्यूज़ की संपादकीय टीम और उसके प्रबंधन के ख़िलाफ़ जांच शुरू करने की मांग की है.

अपमानजनक ख़बरें

रक्षा मंत्रालय का कहना है कि इस टीवी चैनल ने एक सरकारी संस्था के ख़िलाफ़ अपमानजनक ख़बर दिखाई, जो कि नहीं दिखाई जानी चाहिए थी.

उन्होंने बताया कि रक्षा मंत्रालय ने पीइएमआरए में दायर अपनी याचिका में यह भी कहा है कि जियो न्यूज़ के ख़िलाफ़ मौज़ूद सबूतों और तथ्यों को देखते हुए उसके लाइसेंस को रद्द किया जाए.

इससे पहले पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने एक बयान में कहा था कि जियो टीवी के संपादकहामिद मीर पर हमले को लेकर बिना किसी सुबूत के पाकिस्तान के राष्ट्रीय संस्थानों को निशाना बनाना और उन्हें दोषी बताना चिंताजनक है.

जियो टीवी के संपादक हामिद मीर पर कराची में हुए जानलेवा हमले की पाकिस्तान के सभी पत्रकारों ने निंदा की है.

पाकिस्तान के केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से हामिद मीर पर हमले के बाद जारी बयान में कहा गया है कि जिस तरह देश के महत्वपूर्ण रक्षा प्रतिष्ठानों की आलोचना की गई और उन्हें निशाना बनाया गया इसकी मिसाल दुनिया के किसी और देश में नहीं मिलेगी.

गृह मंत्री का कहना है कि राष्ट्रीय संस्थानों के बारे में विशिष्ट क्षेत्रों की ओर से होने वाले इस तरह का प्रचार दुश्मनों ने पूरी दुनिया में किया.

आरोप-प्रत्यारोप

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मंत्रालय की ओर से जारी बयान में यह सवाल किया गया है कि जब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों का एक आयोग बना दिया है तो इस तरह आरोप-प्रत्यारोप का क्या मतलब है?

गृहमंत्री का कहना है कि वरिष्ठ पत्रकार हामिद मीर पर हमले की घटना केवल उनके परिवार और संस्थान के लिए ही नहीं बल्कि पूरे पाकिस्तान के पत्रकारों और देश के लिए बेहद दुखद है.

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के रक्षा संस्थानों के अधिकारी और जवान देश की सुरक्षा की ख़ातिर रोज़ बलिदान दे रहे हैं.

उन्होंने कहा, ''यह एकतरफ़ा और नकारात्मक प्रचार चिंताजनक ही नहीं निंदनीय भी है.''

प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने हामिद मीर पर हमले के बाद कराची में अस्पताल जाकर उनका हालचाल पूछा था.

हामिद मीर पर हमले के कुछ देर बाद उनके भाई आमिर मीर ने कहा था कि उन्हें हामिद मीर ने बताया था कि अगर उन पर हमला हुआ तो इसके ज़िम्मेदार पाकिस्तान की ख़ुफ़िया संस्था आईएसआई और प्रमुख होंगे.

रविवार को जियो टीवी के अध्यक्ष इमरान असलम ने बीबीसी उर्दू से कहा था कि आईएसआई और उसके प्रमुख का नाम एफ़आईआर में लिखा जाएगा या नहीं इसका फ़ैसला हामिद मीर ख़ुद करेंगे.

उन्होंने कहा कि न केवल आमिर मीर ने आईएसआई प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल ज़हीरुल इस्लाम पर हमले का आरोप लगाया है बल्कि हामिद मीर भी ख़ुद कई बार कह चुके हैं कि ख़ुफ़िया एजेंसियां शायद उनके रुख़ की वजह से उनसे बदला लें.

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