मिस्र में मुस्लिम ब्रदरहुड नहीं बचेगा: अल-सीसी

अब्दुल फ़तह अल सीसी इमेज कॉपीरइट BBC World Service

मिस्र में राष्ट्रपति का चुनाव लड़ रहे पूर्व फ़ील्ड मार्शल अब्दुल फ़तह अल-सीसी ने कहा है कि अगर वो चुनाव जीतते हैं तो प्रतिबंधित संगठन मुस्लिम ब्रदरहुड का अस्तित्व ही ख़त्म हो जाएगा.

मिस्र के दो निजी टीवी चैनलों सीबीसी और ओएनटीवी को सोमवार को एक साथ दिए अपने पहले इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि उनकी हत्या के दो प्रयास नाकाम किए जा चुके हैं.

इस इंटरव्यू का दूसरा हिस्सा मंगलवार को प्रसारित किया जाएगा.

लोकतांत्रिक रूप से चुने गए देश के पहले राष्ट्रपति मोहम्मद मोरसी को फ़तह अल-सीसी ने पिछले साल जुलाई में उनके पद से हटा दिया था.

इस महीने की 26-27 तारीख़ को प्रस्तावित राष्ट्रपति चुनाव में उनके जीतने की संभावना जताई जा रही है.

राजनीतिक महत्वाकांक्षा से इनकार

सीसी ने इस बात से इनकार किया कि जब उन्होंने मोरसी को पद से हटाया और मुस्लिम ब्रदरहुड के ख़िलाफ़ कार्रवाई शुरू की तो उनकी कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा थी.

उन्होंने कहा, ''मैं आपसे यह कहना चाहता हूं कि मैंने उसका (मुस्लिम ब्रदरहुड का) सफ़ाया नहीं किया. आप मिस्र के लोगों ने ही किया है.''

जब उनसे पूछा गया कि क्या उनके राष्ट्रपति बनने से ब्रदरहुड का अस्तित्व ख़त्म हो जाएगा, तो पूर्व सेनाध्यक्ष ने जवाब दिया, ''हां, यह सही है.''

उन्होंने कहा कि उनकी हत्या के दो प्रयास हुए. लेकिन वो भाग्य में विश्वास करते हैं, इसलिए डरे हुए नहीं हैं.

उन्होंने इस बात की कोई जानकारी नहीं दी कि हत्या के इन प्रयासों के पीछे किसका हाथ है और वे कहाँ तक पहुँच गए थे.

फ़तह अल-सीसी ने इस बात से भी इनकार किया कि वो सेना के उम्मीदवार हैं.

उन्होंने कहा, ''मिस्र को चलाने में सेना की कोई भूमिका नहीं होगी.'' उन्होंने प्रदर्शन के अधिकार पर कड़े प्रतिबंध लगाने वाले क़ानून का बचाव भी किया.

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