चीन का सत्ता संघर्ष और यंगकांग की गुमशुदगी

जो यंगकांग, चीन के ख़ुफ़िया विभाग के पूर्व प्रमुख इमेज कॉपीरइट Reuters

चीन के ख़ुफ़िया विभाग के पूर्व प्रमुख की गुमशुदगी को मुल्क में जारी सत्ता संघर्ष के एक उदाहरण के तौर पर देखा जा रहा है.

जो यंगकांग पर भ्रष्टाचार का संदेह था. वो पिछले साल लापता हो गए.

(भ्रष्टाचार के खिलाफ़ अभियान पर मिली जेल)

एक समय वो चीन के सबसे शक्तिशाली लोगों में से एक हुआ करते थे लेकिन लगभग पिछले छह माह में किसी ने उनका नाम तक नहीं लिया है.

उनकी करोड़ों की संपत्ति को ज़ब्त कर लिया गया है. उनके कई सहयोगियों को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है.

अब चीनी इस बात का इंज़ार कर रहे हैं कि राष्ट्रपति शि जिनपिंग इतने ताक़तवर श़ख्स को कब तक लोगों की नज़रों से दूर रखने में सफल हो सकते हैं.

जो का गाँव

सि टेंटो गांव में मौजूद सामान्य सा दिखने वाला घर किसी तरह से किसी साज़िश का कोई संकेत नहीं देता है. जो यंगकांग अभी भी लापता हैं.

(जिनके इशारे पर चलता है चीन)

समझा जाता है कि वो उसी सुरक्षा व्यवस्था के हत्थे चढ़ गए जिसपर कभी उनकी तूती बोलती थी. चीनी मीडिया में अब उनकी कोई चर्चा नहीं होती है.

लेकिन सि टेंटो गांव में उन्हें अभी भी सबसे अच्छे बेटे के तौर पर देखा जाता है. भ्रष्टाचार के आरोपों पर यहां कोई यक़ीन नहीं करता है.

एक व्यक्ति ने बताया कि जो यंगकांग का घर दूसरे घरों से अलग नहीं है. उनके यहाँ शान शौकत का कोई निशान नहीं है.

जो यंगकांग के पड़ोसियों का कहना है कि ये सत्ता के शीर्ष पर जारी संघर्ष का नतीजा है.

चीन की राजनीति

Image caption बीबीसी चीनी सेवा की संपादक कैरी ग्रेसी राजनीतिक विश्लेषक डेंग युवेन के साथ.

कुछ ग्रामवासी मुझसे यंगकांग के पारिवारिक क़ब्रगाह पर जाने की सलाह देते हैं और कुछ ये बताने की कोशिश करते हैं कि उन्हें कहां क़ैद करके रखा गया है.

(पूर्व सुरक्षा प्रमुख के सहयोगी की जाँच)

जो यंगकांग जब पिछले साल यहां आए थे तो आसपास के सभी गणमान्य लोग उनसे मिलने आए थे लेकिन अब ऐसा नहीं है.

चीन की राजनीति बहुत निष्ठुर है. कुछ माह पहले जब यंगकांग के भाई की मौत हुई थी तो उनके अंतिम संस्कार में परिवार के सारे लोग भी शामिल नहीं हो पाए क्योंकि वो सभी हिरासत में थे.

तो क्या ये जो यंगकांग के राजनीतिक जीवन पर पर्दा गिराने का वक़्त आ गया है?

एक किसान के बेटे जो यंगकांग ने राजनीति में सफलता हासिल की और पार्टी में तेज़ी से उपर चढ़ते गए, बड़ी गाड़ियों में सफर करने लगे, एक तेल कंपनी को चलाने का जि़म्मा उन्हें दिया गया.

पुराना खेल

और हाल में वो आठ करोड़ की आबादी के एक सूबे के गवर्नर थे. और फिर वो चीन की आंतरिक सुरक्षा विभाग के प्रमुख बन गए.

(एक और बड़ा नेता भ्रष्टाचार के घेरे में)

चीन में शीर्ष पदों पर पहुंचने के लिए कोई मतदान नहीं होता इसलिए उन्हें अपने प्रतिद्वंदियों को ख़त्म करने के लिए भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों का सहारा लेना पड़ता है.

और इस तरह वो अपने लोगों को उनकी जगह स्थापित कर सकता है. रणनीतिकार इस प्राचीन खेल को खेलते हैं. समझा जाता है कि घेराबंदी के इस खेल को खेलने से रणकौशल बढ़ता है.

राजनीतिक विश्लेषक डेंग युवेन कहते हैं, "खूफिया विभाग के पूर्व प्रमुख को सभी राज़ मालूम हैं. उन्हें उन दूसरे लोगों का गुपचुप समर्थन भी हासिल है जो उंचे पदों पर हैं."

"सभी इस बात का इंतज़ार कर रहे हैं कि राष्ट्रपति शि जिनपिंग का अगला क़दम क्या होगा."

राष्ट्रपति की भूमिका

इमेज कॉपीरइट Reuters

राष्ट्रपति ने अपनी भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम को बाघों से लड़ने जैसा बताया है.

(क्या विदेश पत्रकार चीन से निकाले जाएंगे?)

वो शायद दूसरे बाघों को ये बताना चाहते हैं कि उनमें सबसे ताक़तवर कौन है.

ऐसा करने से सरकार को अपनी नीतियों के मुताबिक ढालने में आसानी होगी जबकि जनता को ये लगेगा कि वो पार्टी में मौजूद भ्रष्ट लोगों के खिलाफ़ कार्रवाई कर रहे हैं.

लेकिन घेर लिए गए शिकारी का शिकार करने वाले जानवर ख़तरनाक होते हैं.

इसलिए लोग चीन में दम साधे इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि इस राष्ट्रपति ने बाघ को पालतू बना लिया है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार