अमरीकाः मोबाइल चोरी रोकने वाला 'किल बटन'

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अमरीका में अब स्मार्टफोन और दूसरे मोबाइल उपकरणों में मौजूद निजी सूचनाओं को दूसरों तक जाने से रोकने के लिए फ़ोन में 'किल बटन' लगाना अनिवार्य होगा.

ऐसा करने के लिए मिनेसोत 'किल बटन' क़ानून का प्रस्ताव ला रहा है. मिनेसोत 'किल बटन' क़ानून के लिए पहल करने वाला अमरीका का पहला राज्य होगा.

इस क़ानून के अनुसार 2015 की जुलाई के बाद स्मार्टफोन और दूसरे मोबाइल उपकरण बनाने वाली कंपनियों को अपने सारे गैजेट्स में 'किल बटन' लगाना जरूरी होगा.

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बताया जा रहा है कि हमारे पसंदीदा स्मार्टफोन या टैबलेट खो जाने या किसी चोर के हाथ लग जाने पर ऐसे सॉफ्टवेयर हमारी निजी जानकारियों का गलत इस्तेमाल होने से रोकने में सक्षम साबित होंगे.

व्यापक अभियान

अमरीका के पुलिस विभाग ने 'किल बटन' कानून के पक्ष में जनमत तैयार करने के लिए व्यापक अभियान चला रखा है.

अमरीकी टेलीकॉम नियंत्रक के अनुसार अमरीका में होने वाली हर तीन में से एक चोरी स्मार्टफ़ोन की होती है.

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बिल में मिनेसोत के विधायकों ने इसकी जरूरत पर जोर देते हुए कहा है, "1 जुलाई, 2015 को, या उसके बाद वैसे ही स्मार्टफोन को खरीदने या बेचने की इज़ाजत दी जाएगी जिसमें चोरी से बचने वाला सॉफ्टवेयर 'किल बटन' मौजूद होगा या उसे डाउनलोड करने की क्षमता होगी."

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कैलिफोर्निया भी इसी से मिलता-जुलता बिल जल्द ही लाने वाला है. उधर कांग्रेस इसे राष्ट्रीय क़ानून बनाने पर विचार कर रही है.

वैश्विक पहल

लंदन के मेयर बोरिस जॉनसन ने 'किल बटन' बिल पर अंतरराष्ट्रीय सहमति बनाने के लिए इसे अपना समर्थन दिया है.

बोरिस जॉनसन न्यूयॉर्क के एटॉर्नी जनरल एरिक श्नाइडरमैन और सैन फ्रांसिस्को के ज़िला एटॉर्नी जॉर्ज गैसकन के साथ पिछली गर्मियों में शुरू किए गए 'सेक्योर आवर स्मार्टफोन' अभियान में शामिल हुए थे.

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'सेक्योर आवर स्मार्टफोन' अभियान का मकसद फ़ोन निर्माताओं पर स्मार्टफ़ोन और टेबलेट की चोरी की समस्या को सुलझाने के लिए एक दबाव बनाना है.

वैसे कई हैंडसेट निर्माताओं ने पहले ही अपने फ़ोन में 'किल बटन' लगा रखा है.

सैमसंग के फ़ोन में ये सुविधा मौजूद है और ऐप्पल अपनी 'फाइंड माई आईफ़ोन' सर्विस के जरिए अपने उपभोक्ताओं को ये सुविधा दी हुई है.

साथ ही उपभोक्ताओं के लिए जीपीएस ट्रैकिंग की सुविधा भी पहले से मौजूद है. जीपीएस सैटेलाइट ट्रैकिंग डिवाइस यूजर्स को दूर से ही अपनी निजी सूचनाएं मिटाने की सुविधा देता है.

सुविधा से अनजान

माइक्रोसॉफ्ट और गूगल ने भी अपने हैंडसेट में 'किल बटन' सुविधा दे रखी है.

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इसके अलावा चोरी हो चुके स्मार्टफोन का पता लगाने, उसे लॉक करने और निजी जानकारियों को मिटाने वाले कई तरह के ऐप बाजार में मौजूद हैं.

मोबाइल विश्लेषक क्रिस ग्रीन कहते हैं, "अधिकांश स्मार्टफोन यूजर्स के पास ये सुविधा उपलब्ध है लेकिन वे इससे अनजान हैं."

क्रिस का मानना है कि मोबाइल चोरी होने से ज्यादा नुकसान आम इंसान के मुकाबले कारोबारियों को ज्यादा उठाना पड़ता है.

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वे कहते हैं, "मोबाइल कंपनियां डाटा की चोरी पर शिंकजा कसने के लिए बेहद उत्सुक हैं, क्योंकि आजकल लोग अपनी संवेदनशील और निजी जानकारियों को अपने फ़ोन और टैबलेट्स में रखने के आदी होते जा रहे हैं."

दुरुपयोग

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Image caption 'किल बटन' सॉफ्टवेयर यूजर्स की निजी जानकारियों की चोरी पर रोक लगाएगा.

अमरीका में ऐप्पल, सैमसंग, वेरिजोन, टी-मोबाइल और अन्य प्रमुख कंपनियां जुलाई 2015 से अपने सभी हैंडसेट में चोरी पर लगाम कसने वाले सॉफ्टवेयर 'किल बटन' को लगाने के लिए राजी हो गई हैं.

दूसरी ओर कुछ लोग ये सवाल उठा रहे हैं कि मोबाइल चोरी पर रोक लगाने वाली 'किल बटन' तकनीक कितनी कारगर साबित होगी.

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'एसेंशियल फोरेंसिक' के वरिष्ठ फोरेंसिक विश्लेषक ग्रैंट रगली बताते हैं, "'किल बटन' तकनीक से फायदा कम और नुकसान ज्यादा होने की संभावना है. हैकर्स मोबाइल को 'किल बटन' सिग्नल भेज कर इस सुविधा का दुरुपयोग कर सकते हैं."

उनका यह भी मानना है कि चोरी करने वाले 'किल बटन' सॉफ्टवेयर का भी तोड़ निकाल लेंगे.

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