चीन ने वियतनाम से तीन हज़ार नागरिकों को निकाला

  • 18 मई 2014
वियतनाम के प्रदर्शऩकारी इमेज कॉपीरइट Reuters

चीनी मीडिया के मुताबिक़ वियतनाम में चीन विरोधी हिंसक प्रदर्शनों को देखते हुए चीन की सरकार ने वहाँ से अपने तीन हज़ार से अधिक नागरिकों को बाहर निकाल लिया है.

चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक़ वियतनाम में मौजूद अपने और नागरिकों को वहाँ से निकालने के लिए चीनी प्रशासन विमानों और पोतों की व्यवस्था कर रही है.

अब तक कम से कम दो चीनी नागरिकों की मौत हो चुकी है और 100 से अधिक घायल हुए हैं. ये हंगामा वियतनाम में एक विवावदित जलक्षेत्र में चीन की ओर से तेल खनन करने वाले जहाज भेजने के फैसले के बाद हुए शुरू हुआ.

वियतनाम इस जलक्षेत्र पर अपना दावा करता रहा है. वियतनाम सरकार ने शनिवार को इन विरोध-प्रदर्शनों को बंद करने की अपील की.

अधिकारियों की अपील

अधिकारियों ने कहा कि 'अवैध गतिविधियां' अब बंद की जानी चाहिए क्योंकि ये देश के स्थायित्व को नुक़सान पहुँचा सकती हैं. हालांकि विरोधी संगठनों ने लोगों से रविवार को देश के प्रमुख शहरों में रैलियां करने की अपील की है.

हाल के दिनों में प्रदर्शनकारियों ने वियतनाम के कई औद्योगिक क्षेत्रों में कम से कम 15 विदेशी स्वामित्व वाली कंपनियों में आग लगा दी, इनमें चीनी, ताइवानी और दक्षिण कोरिया की स्वामित्व वाली कंपनियां शामिल हैं.

संवाददाताओं का कहना है कि इन हमलों से अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि आर्थिक विकास के लिए वियतनाम बहुत हद तक विदेशी निवेश पर निर्भर है.

चीन ने वियतनाम प्रशासन से कहा है कि वो दंगाई को कड़ी से कड़ी सज़ा दे.

शिन्हुआ ने चीन के सुरक्षा प्रमुख जो शेंगकुन के हवाले से कहा है, ''हिंसा को फैलने से रोकने में वियतनामी अधिकारियों की विफलता से हम खुश नहीं हैं.''

बहुपक्षीय विवाद

वियतनाम में विरोध-प्रदर्शनों की शुरुआत तब हुई जब चीन ने दक्षिण चीन सागर के विवादित क्षेत्र में अपने तेल खनन करने वाले जहाज हियांग शियू 981 को भेजने का फैसला किया.

वियतनाम ने चीन के जहाज़ों को रोकने की कोशिश की, जिससे टकराव और अधिक बढ़ गया.

चीन पारासेल द्विप समूह के पश्चिमी इलाक़े में तेल खनन का काम जारी रखने पर जोर दे रहा है. इस द्विप पर चीन का नियंत्रण है. लेकिन वियतनाम और ताइवान भी उस पर दावा करते हैं.

संवददाताओं के मुताबिक़ इस मुद्दे पर वहाँ राष्ट्रवादी भावनाएं आजकल काफी जोर मार रही हैं.

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