शपथ के बाद मोदी और शरीफ की दोतरफ़ा बातचीत

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भारत के भावी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ द्विपक्षीय बैठक में हिस्सा लेंगे.

दोनों नेताओं के बीच 27 मई को विभिन्न मुद्दों पर बातचीत होगी. नवाज़ शरीफ़ के साथ आने वाले प्रतिनिधिमंडल में उनके विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अज़ीज़, विशेष सहायक तारिक़ फ़ातमी और विशेष सचिव एज़ाज़ चौधरी भी शामिल हैं.

समझा जा रहा है कि इस दौरान दोनों देशों के बीच विभिन्न मुद्दों पर बातचीत होगी जिनमें लंबे समय से बंद पड़ी शांति वार्ता को फिर से शुरू करने पर भी चर्चा हो सकती है.

बीबीसी उर्दू के हारुन रशीद का कहना है कि पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भी इच्छा जताई थी कि इस मौके का उपयोग बातचीत के लिए किया जाए ताकि दोनों देशों के बीच बेहतर संबंधों की दिशा में आगे कोई रास्ता निकल सके.

27 मई को नवाज़ शरीफ़ पाकिस्तान लौट जाएंगे.

न्यौता स्वीकारने में देरी

मुंबई में 2008 के चरमपंथी हमलों के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्ते एक तरह से ठंडे बस्ते में हैं. इसके अलावा नियंत्रण रेखा पर हाल के दिनों में लगातार तनाव देखने को मिला है.

इससे पहले नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण में शामिल होने के न्यौते को स्वीकार करने में नवाज़ शरीफ़ ने पूरे दो दिन का समय लिया और इस बीच उन्होंने अपने सहयोगियों से विचार-विमर्श किया.

लेकिन पाकिस्तान में सत्तारूढ़ पाकिस्तान मुस्लिम लीग- नवाज़ के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना था कि शरीफ़ इस यात्रा को सिर्फ़ मेल-मिलाप तक ही सीमित नहीं रखना चाहते थे बल्कि इसे सार्थक बनाना चाहते थे.

वहीं रेडियो पाकिस्तान का कहना है कि ये एक ऐसा मौका है जबकि दोनों देश इस क्षेत्र में शांति स्थापना के लिए नए सिरे से रणनीति बनाएं.

नरेंद्र मोदी ने 26 मई को होने वाले अपने शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए सभी सार्क देशों के प्रमुखों को निमंत्रण दिया है और इन सभी नेताओं ने आने की स्वीकृति भी दे दी है.

सिर्फ़ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की ही स्वीकृति मिलने में कुछ देर हुई और शनिवार को उन्होंने भी औपचारिक तौर पर निमंत्रण स्वीकार कर लिया.

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