यूक्रेन में नए राष्ट्रपति के लिए मतदान

  • 25 मई 2014
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यूक्रेन के पूर्व राष्ट्रपति विक्टर यानुकोविच के पद छोड़ने और कई महीने तक देश में अशांति का माहौल रहने के बाद नए राष्ट्रपति के चुनाव के लिए यूक्रेनवासी मतदान कर रहे हैं.

इस चुनाव में 18 उम्मीदवार हिस्सा ले रहे हैं. यूक्रेन के लिए यह चुनाव ख़ास है क्योंकि इसे देश को एकजुट करने के रूप में देखा जा रहा है.

हालांकि चुनाव का विरोध कर रहे पूर्व में मौजूद रूस समर्थक अलगाववादियों ने मतदान प्रक्रिया को बाधित करने की धमकी दी है.

हाल के दिनों में विद्रोहियों और सरकारी सेना के बीच हुए संघर्ष में क़रीब 20 लोग मारे गए हैं.

पूर्व में हुई हिंसा की वजह से विशेष रूप से दोनेत्स्क और लुहांस्क की चुनाव तैयारियां बाधित हुई हैं.

वोट की अपील

अंतिम निर्वाचित राष्ट्रपति विक्टर यानुकोविच की रूस समर्थक नीतियों के ख़िलाफ़ बड़े पैमाने पर विरोध के बाद फ़रवरी में उन्हें अपदस्थ कर दिया गया था. उसके बाद नए सिरे से राष्ट्रपति चुनाव की बात शुरू हुई.

इस चुनाव में "चॉकलेट किंग" के नाम से मशहूर कन्फेक्शनेरी कारोबारी पेट्रो पोरोशेंको के जीतने की उम्मीद जताई जा रही है.

पूर्व प्रधानमंत्री यूलिया टिमोशेंको जनमत सर्वेक्षणों में पोरोशेंकों से पिछड़ती दिख रही हैं.

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चुनाव में स्पष्ट जीत के लिए एक उम्मीदवार को 50 फ़ीसदी से अधिक मत ज़रूर हासिल करने होंगे. अगर ऐसा नहीं हो पाता, तब मतदान का दूसरा चरण 15 जून को होगा.

प्रधानमंत्री आर्सेनी यात्सेनयुक ने शनिवार को एक टेलीविज़न संबोधन में लोगों से मतदान कर "यूक्रेन की रक्षा" करने का आग्रह किया.

उन्होंने कहा, "यह पूर्व, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण के यूक्रेनवासियों की इच्छा की अभिव्यक्ति होगी."

शुक्रवार को अभूतपूर्व ढंग से रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि वह चुनाव नतीजों का सम्मान करेंगे और जो भी राष्ट्रपति पद के लिए निर्वाचित होगा, वह उनके साथ मिलकर काम करने को तैयार हैं.

यह बयान रूस के साथ कई महीनों के तनाव के बाद आया है. रूस पर किएफ़ और उसके पश्चिमी देशों के सहयोगी यूक्रेन के पूर्वी हिस्से में अलगाववाद भड़काने के आरोप लगाते रहे हैं. हालांकि पुतिन इसे ख़ारिज़ करते रहे हैं.

सुरक्षा व्यवस्था

मतदान केंद्रों पर ऑर्गनाइज़ेशन फ़ॉर सिक्योरिटी ऐंड कोऑपरेशन इन यूरोप (ओएससीई) के 1,000 से अधिक पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं.

लेकिन ओएससीई ने अपने ज़्यादातर पर्यवेक्षकों को सुरक्षा के भय से पूर्वी दोनेत्स्क क्षेत्र से बाहर निकाल लिया है.

कुछ रूस समर्थक अलगाववादियों ने लोगों को मतदान के ख़िलाफ़ चेतावनी दी है.

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ऐसी ख़बरें हैं कि बंदूक की नोक पर चुनाव अधिकारियों और मतदाता सूची पर क़ब्ज़ा किया जा रहा है.

दोनेत्स्क पीपुल्स रिपब्लिक के स्वघोषित नेता देनिस पुशिलिन ने एएफ़पी समाचार एजेंसी से कहा, "अगर ज़रूरत हुई, तो हम बल प्रयोग कर सकते हैं."

11 मई के जनमत संग्रह के बाद दोनेत्स्क और लुहांस्क के अलगाववादियों ने यूक्रेन से स्वतंत्र होने की घोषणा कर दी थी. हालांकि इसे किएफ़ और पश्चिमी देशों ने मान्यता नहीं दी है.

इन दो क्षेत्रों ने क्राइमिया में हुए विवादास्पद जनमत संग्रह के बाद स्वतंत्र होने के संकेत दिए, जिन पर मार्च में रूस ने क़ब्ज़ा किया था.

ऐसा कहा जा रहा है कि मतदान के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 75,000 से अधिक पुलिस और स्वयंसेवकों की सेवाएं ली जा रही हैं.

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