ऑनर किलिंगः 'फरज़ाना की बड़ी बहन को भी मार डाला था'

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Image caption मृतका फरजाना परवीन के पति मोहम्मद इकबाल ने स्वीकार किया है कि उन्होंने परवीन के साथ शादी करने के लिए अपनी पहली पत्नी की हत्या की थी.

लाहौर में एक अदालत के सामने कथित रूप से हुई एक ऑनर किलिंग के दौरान तमाशाबीन बने रहने के आरोप से पाकिस्तान की पुलिस ने इनकार किया है.

अपनी पसंद से शादी करने के कारण नाराज़ परिजनों ने फरज़ाना परवीन को पत्थरों से मारमार कर हत्या कर दी थी.

पुलिस कहना है कि जबतक वे घटना स्थल पर पहुंचे परवीन की मृत्यु हो चुकी थी. वह तीन महीने से गर्भवती थीं.

पत्थर मार कर हत्या के मामले में कार्रवाई का आदेश

परवीन के पति मोहम्मद इकबान ने कहा था कि जब यह घटना घटी तो पुलिस अधिकारी वहां खड़े थे.

इस बीच इक़बाल ने स्वीकार किया है कि उन्होंने परवीन से शादी करने के लिए छह वर्ष पहले अपनी पहली पत्नी की हत्या कर दी थी.

'पुलिस इंस्पेक्टर था मौजूद'

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री को दी गई रिपोर्ट में पुलिस ने कहा है कि फरज़ाना के परिजनों ने अदालत परिसर से उसे कई सौ फुट दूर तक खींच कर ले आए और उसकी जांघ में गोली मार दी.

रिपोर्ट के अनुसार, इस इलाके में पुलिस नहीं रहती है लेकिन घटना के समय एक पुलिस इंस्पेक्टर मौजूद थे जिन्होंने एक परिजन के हाथ से बंदूक छीन ली थी.

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पुलिस के अनुसार, परवीन और इक़बाल के परिजनों में हाथापाई भी हुई थी. इसी दौरान परवीन के भाई ने ईंट से उस पर तीन बार हमला किया जिससे वह बुरी तरह घायल हो गई.

पाकिस्तान: 'फ़रज़ाना का क़त्ल होता रहा और पुलिस देखती रही'

पुलिस का कहना है कि परवीन के चाचा, दो चचेरे भाई और इन्हें लाहौर लाने वाले ड्राइवर को शुक्रवार को गिरफ़्तार कर लिया गया है. परवीन के पिता ने हत्या के कुछ देर बाद ही आत्मसमर्पण कर दिया था.

परवीन के रिश्तेदारों ने हाईकोर्ट में इक़बाल के ख़िलाफ़ अपहरण का मुक़दमा कर दिया था.

'बड़ी बहन को भी मार डाला था'

इसी मामले में परवीन और इक़बाल लाहौर हाईकोर्ट आए हुए थे. परवीन ने पहले ही पुलिस के सामने स्वीकार कर लिया था कि उन्होंने अपनी मर्जी से शादी की थी.

इक़बाल के बेटे औरंगजेब ने बीबीसी संवाददाता इलियास ख़ान को बताया कि परिजनों ने इक़बाल को माफ करने के लिए मुझे मनाया था ताकि वो जेल से बाहर आ सकें.

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औरंगजेब ने कहा, ''उन्होंने कहा कि मेरी मां तो जा चुकी है और वो कभी नहीं लौटेंगी. मेरे ऊपर दो छोटे भाईयों को पालने की ज़िम्मेदारी है, इसलिए मैं सहमत हो गया.''

औरंगजेब के अनुसार, परवीन ने उन्हें बताया था कि उनकी बड़ी बहन को भी उनके परिजनों ने मार डाला था. उस मामले में उनकी बहन ने अपने पति को छोड़ने से इनकार कर दिया था.

पुलिस प्रवक्ता ने बीबीसी को बताया कि वे इस आरोप की पुष्टि नहीं कर सके. इस बारे में परवीन के परिजनों की तरफ से कोई बयान नहीं आया है.

पाकिस्तान में हर वर्ष सम्मान के नाम पर सैकड़ों हत्याएं होती हैं.

ताज़ा घटना ने ख़ासा आक्रोश पैदा किया है. प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने इस तरह की घटनाओं को पूरी तरह से अस्वीकार्य कहा है.

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