हिलेरी क्लिंटन की किताब में क्या है ख़ास?

  • 8 जून 2014
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बेशक हिलेरी क्लिंटन अपनी शादी और व्यक्तिगत बातों को लेकर मौन रहती हों लेकिन बेंगाज़ी में अपनी भूमिका को लेकर उनका नज़रिया बिल्कुल साफ़ है.

हिलेरी की किताब ''हार्ड च्वाइसेस'' एक वृतांत है, वॉल स्ट्रीट जनरल के रिपोर्टर के अनुसार, '' ऐसा लगता है कि ये वर्ष 2016 के कन्वेंशन भाषण के लिए उनका मसौदा है.''

ये किताब 10 जून को प्रकाशित होगी. प्रकाशक सिमोन एंड श्स्टर ने इसकी दस लाख प्रतियां छापी हैं. इस किताब के बारे में कुछ तथ्य.

किताब के प्रति गंभीरता

हिलेरी इस किताब के शीर्षक को लेकर मशक्कत करती रहीं, जिससे लगता है कि वो विवेकशील लेखक हैं-उनमें हाजिर जवाबी भी है.

न्यूयार्क टाइम्स की लीजा मार्स कहती हैं, '' सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि वह अपनी इमेज के बारे में सोचती हैं.''

लीजा कहती हैं, ''उन्होंने किताब के कवर पर चित्र में वह टीना ब्राउन की तरह लगती हैं-एकदम परफैक्ट. राष्ट्रपति की तरह.''

फ़ेसबुक पर वीडियो रिलीज़ में वह बताती हैं कि कठिन विकल्पों से उनका आशय क्या है. वह कहती हैं, ''हर कठिन विकल्पों का सामना करना ही पड़ता है और जिंदगी में चुनौतियों का भी. मसलन कैसे अच्छी नौकरी पाई जाए, फिर इसे कैसे बचाकर रखा जाए.''

वह कहती हैं, ''पहले देखना होता है कि क्या शिक्षा लें और फिर कब शादी करें फिर कब तक शादी में बने रहें.''

हां, किताब के शीर्षक को वह गंभीर ही बनाए रखना चाहती हैं.

ये किताब वाशिंगटन इनसाइडर के लिए नहीं

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वह कहती हैं कि ये किताब उन्होंने आम पुरुषों या महिलाओं के लिए लिखी है.

बकौल उनके, ''बेशक मेरे दृष्टिकोण और अनुभव को फ़ॉलोअर्स जांचेंगे.''

पॉलिटिको मैगजीन के अनुसार वह कहती हैं, ''वाशिंगटन में ये लंबे चलने वाले सोप आपेरा की तरह है कि कौन किस तरफ है, कौन हारा-कौन जीता, किसने किसका विरोध किया. कौन ऊपर चढ़ा और कौन गिरा-अगर कोई ये जानना चाहता है तो ये किताब मैंने उनके लिए नहीं लिखी.''

वो कहती हैं, ''मैने ये अमरीकियों और उन लोगों के लिए लिखी है, जो हमारी बदलती हुई दुनिया के बारे में समझने का सेंस रखते हों.''

उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि इस किताब के जरिए वह उन लोगों तक पहुंचेंगी जो ये समझना चाहते हैं कि नेता कैसे होते हैं और राष्ट्र आपस में मिलकर काम कर सकते हैं और क्यों कभी कभी उनमें टकराव होता है और उनके फ़ैसले किस तरह हमारी जिंदगियों को प्रभावित करते हैं.

उद्देश्य है बेचना-किताब और उम्मीदवार के तौर पर हिलेरी को भी

नौ जून यानी किताब के उपलब्ध होने से एक दिन पहले वह एबीसी न्यूज पर डायने सायर को इंटरव्यू देंगी. ये उनका पहला साक्षात्कार होगा, जिसके जरिए वह अपने विचार रखेंगी और किताब को प्रमोट करेंगी.

उसी सप्ताहांत वह कास्ट्को स्टोर में किताब पर दस्तख़त करेंगी.

वोग मैगजीन के अनुसार इस किताब का एक हिस्सा उन्होंने व्यक्तिगत बातों के लिए भी रखा है. मसलन वह अपनी मां डोरोथी राडम के बारे में लिखती हैं, जो बेहद ग़रीब थीं और जिन्होंने 14 साल की उम्र में एक हाउसकीपर के तौर पर काम करना शुरू कर दिया.

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इस किताब में उनके विदेश विभाग में काम करने का वृतांत है. जिसके जरिए वह संभावित वोटरों को प्रभावित करेंगी और सरकार में अपने काम के बारे में बताएंगी.

हालांकि अभी तक उन्होंने वर्ष 2016 के चुनावों के लिए अपने राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी की घोषणा नहीं की है लेकिन लगता है कि आधिकारिक तौर पर वह इसके बेहद करीब हैं.

वह अतीत को पीछे ही रखना चाहती हैं

इस किताब में वह किसी को ज्यादा तवज्जो नहीं देना चाहतीं, मसलन मोनिका लेविंस्की.

हाल ही में उन्होंने न्यूयार्क टाइम्स में एक इंटरव्यू में कहा कि उन्होंने तय किया है कि अपने पति के पूर्व इंटर्न के साथ अफ़ेयर से आगे निकलें और उस तरफ नहीं झांके.

वह दुश्मनों पर हमला करेंगी

उनके चहेतों का एक बड़ा वर्ग है और उतना ही निंदकों का भी. इस किताब का सबसे विवादित हिस्सा वह अध्याय है जिसका शीर्षक है ''बेंगाज़ी हमले के तहत''

इस हिस्से में वह बेंगाज़ी में अमरीकी राजदूत जे क्रिस्टोफर स्टीवेंस और तीन अन्य अमरीकियों की हत्या के बाद अपनी कार्रवाई को जायज़ ठहराती हैं.

वह उन पर भी बिफरती हुई लगती हैं जो उनकी आलोचना करते रहते हैं.

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