विद्रोहियों का बग़दाद से महज़ 60 किलोमीटर दूर कब्ज़ा

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रिपोर्टों के मुताबिक़ इराक़ की राजधानी बग़दाद से केवल 60 किलोमीटर की दूरी पर स्थित बाकुबा शहर को आईएसआईएस के सुन्नी विद्रोहियों ने अपने कब्ज़े में ले लिया है.

इराक़ की फ़ौज और आईएसआईएस के सुन्नी चरमपंथियों के बीच पिछले हफ़्ते से इराक़ के पूर्वी और मध्य भाग में भीषण जंग चल रही है.

हाल की इन घटनाओं से चिंतित अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 275 फ़ौजी दस्तों को बग़दाद भेजने के लिए संसद को पत्र लिखा है.

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उनका कहना है कि सैनिक अमरीकी नागरिकों और संपत्ति की रक्षा के लिए भेजे जा रहे हैं और अगर ज़रूरत पड़ी तो लड़ाई लड़ने के लिए भी तैयार रहेंगे.

इस्लामिक स्टेट ऑफ़ इराक़ एंड सीरिया (आईएसआईएस) एक सुन्नी चरमपंथी संगठन है. विद्रोहियों ने सुदूर दक्षिण में राजधानी बग़दाद और इराक़ के शिया मुस्लिम इलाकों में घुसने की धमकी दी है.

वे प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी के नेतृत्व वाली शिया बहुल सरकार का विरोध कर रहे हैं.

इराक़ पर ईरान-अमरीका वार्ता

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अमरीकी अधिकारियों के अनुसार उसने ईरान से इराक़ के बदतर होते हालात के बारे में बातचीत की है.

इससे पहले अमरीकी विदेश मंत्री जॉन कैरी ने कहा था कि वे पुराने विरोधी से इस मामले पर सकारात्मक बातचीत को तैयार है.

अमरीकी अधिकारियों ने ईरान के साथ किसी भी सैन्य सहयोग से इंकार किया था. यह बातचीत ऑस्ट्रिया के वियना में हुई है.

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कई शहरों के लिए संघर्ष

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इससे पहले उन्होंने मोसूल और टेल अफ़ार शहर पर भी कब़्जा कर लिया.

सरकार देश के उत्तर में स्थित टेल अफ़ार शहर को वापस अपने नियंत्रण में लेने की कोशिश कर रही है. टेल अफ़ार सरकार और चरमपंथियों के कब्ज़े वाले इलाक़े के बीच स्थित शहर है.

चरमपंथियों ने बग़दाद के पश्चिम में फ़लूजा के नज़दीक सेना के एक हैलिकॉप्टर पर हमला कर उसे गिराने और सेना के कई टैंक उड़ा देने का दावा किया है.

सैकड़ों की हत्या

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि आईएसआईएस विद्रोहियों ने सैकड़ों लोगों को मार दिया है.

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार संस्था की प्रमुख नवी पिल्लेई ने कहा कि देश के उत्तर में होने वाली ये सिलसिलेवार हत्याएँ 'युद्ध अपराध की श्रेणी' में आती हैं.

पिल्लेई का यह बयान सुन्नी चरमपंथियों की इराक़ी फ़ौजियों को गोली मारते हुए इंटरनेट पर डाली गई तस्वीरों के बाद आया है.

प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि चरमपंथी मशीन गन से लैस और ट्रकों पर सवार थे और काले जिहादी बैनर लहराते हुए सड़कों पर गोलीबारी कर रहे थे.

बीबीसी संवाददाता जिम मोयर का कहना है कि सरकार ने ज़ोर दिया है कि शहर के बड़े भाग पर अब भी उसका नियंत्रण है और आईएसआईएस के लड़ाकों को तेज़ी से हटा दिया जाएगा.

इराक़ के स्वायत कुर्द क्षेत्र के प्रधानमंत्री ने बीबीसी को बताया कि वे नहीं मानते कि देश एकजुट रह पाएगा.

अमरीकी यूद्धपोत यूएसएस जार्ज एचडब्लयू बुश दो अन्य युद्धपोतों के साथ खाड़ी में पहले से तैनात हो चुका है.

ब्रिटेन ने सोमवार को दोहराया कि इराक़ में फ़ौजी दखल की कोई योजना नहीं है.

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