इराक़: सबसे बड़ी तेल रिफ़ायनरी पर संघर्ष जारी

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इराक़ की सबसे बड़ी तेल रिफायनरी को अपने नियंत्रण में लेने के लिए देश की सेना सुन्नी चरमपंथियों से जूझ रही है.

एक सैन्य प्रवक्ता ने जानकारी दी कि आईएसआईएस (इस्लामिक स्टेट ऑफ़ इराक़ एंड अल शाम) के नेतृत्व में चरमपंथियों की ओर से किए जा रहे लगातार हमले में सैन्य टुकड़ियों को बार-बार पीछे हटना पड़ा.

प्रवक्ता ने बताया कि इराक़ी सेना और सुन्नी चरमपंथियों के बीच चल रहे संघर्ष में चालीस हमलावरों की मौत हो गई. उन्होंने इस बात से इनकार किया कि तेल रिफायनरी की सुविधाएं किसी तरह के संकट में हैं.

जबकि तेल रिफायनरी में काम करने वाले कुछ कामगारों ने कहा है कि रिफायनरी के अधिकांश हिस्सों पर चरमपंथियों का कब्जा हो गया है.

अलग-थलग

इराक की सबसे बड़ी तेल रिफायनरी के कामगारों ने ये जानकारी भी दी है कि सैन्य टुकड़ियां नियंत्रण कक्ष के आस-पास संघर्ष करती हुई दिखीं.

दूसरी ओर अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा चरमपंथियों के ख़िलाफ़ हवाई हमले के लिए इराक़ की सरकार से 'औपचारिक मंजूरी' पर विचार कर रहे हैं.

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सुन्नी चरमपंथियों ने पिछले हफ्ते से अब तक इराक के कई उत्तरी शहरों और कस्बों को नियंत्रण में ले लिया है.

इराक के प्रधानमंत्री नूरी मलिकी के पार्टी प्रवक्ता ने बीबीसी को बताया है कि देश की सरकार अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से 'उपेक्षित' और अलग-थलग महसूस कर रही है.

धुंआ और काला झंडा

इससे पहले बुधवार को, राजधानी बगदाद के उत्तर में करीब 200 किमी पर स्थित बैजी रिफायनरी पर आईएसआईएस चरमपंथियों का हमला हुआ.

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बैजी रिफायनरी के भीतर फंसे कामगारों के मुताबिक हमलावरों ने पहले भीतरी घेरे पर हमला किया और फिर इसके ईंधन टैंक को नष्ट कर दिया.

कुछ कामगारों का कहना है कि चरमपंथियों ने संयंत्र की लगभग हर सुविधा को अपने नियंत्रण में ले लिया है.

जारी किए गए वीडियो फुटेज़ में रिफायनरी से उठता धुंआ और इमारत पर काला झंडा लहराते हुए आईएसआईएस चरमपंथी देखे गए हैं.

पेट्रोल पंप पर लंबी कतारें

मंगलवार को हमले की आशंका के कारण संयंत्र बंद कर दिया गया था. इसके बाद रिफायनरी के करीब 15,000 कामगारों और 100 विदेशी विशेषज्ञों ने वह जगह छोड़ दी थी.

रिफायनरी में काम करने वाले एक कामगार ने रॉयटर्स समाचार एजेंसी को जानकारी दी कि गुरुवार की सुबह बाकी बचे 250 से 300 कामगारों को भी निकाल लिया गया था.

बैजी पर जारी संघर्ष से यह आशंका पैदा हो गई है कि इराक के नागरिकों को अब पेट्रोल पंप पर लंबी कतारों और बिजली के संकट का सामना करना पड़ेगा.

बैजी तेल संयंत्र देश की लगभग सारी घरेलू जरूरतों की आपूर्ति करता है.

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इस बीच, स्थानीय पुलिस ने बीबीसी को बताया कि पिछले दो दिनों में अल-बशर गांव पर कब्जे के दौरान आईएसआईएस चरमपंथियों ने 13 पुलिस अधिकारियों और कुर्दिश पेशमेर्गा नागरिक सेना के सदस्यों को मार दिया है. अल-बशर रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण उत्तरी किरकुक शहर के उत्तरी हिस्से में स्थित है.

जिहादियों के सिटी सेंटर में घुसने और इसके जेल पर कब्जे की कोशिश में बुधवार को बगदाद के 60 किमी उत्तर स्थित बाकुबा में भयंकर संघर्ष चला था.

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