इराक़: संसद में होगा नई सरकार पर फ़ैसला

  • 1 जुलाई 2014
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इराक़ी सेना ने तिकरित शहर पर हमला किया है. यह शहर पिछले कुछ वक़्त से इस्लामी चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट इन इराक़ एंड अल शाम (आईएसआईएस) के क़ब्ज़े में है.

कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने हमें बताया कि इराक़ी सेना ने सोमवार सुबह शहर पर हवाई हमला किया. इराक़ी वायुसेना ने पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन के महल को भी निशाना बनाया.

यह भी बताया जा रहा है कि आईएसआईएस के लड़ाकों ने जवाबी हमले में सेना के कुछ अड्डों पर फिर से क़ब्ज़ा कर लिया है.

आईएसआईएस ने यह भी कहा है कि उनके संगठन, इस्लामिक स्टेट इन इराक़ एंड अल शाम, का नाम अब सिर्फ़ इस्लामिक स्टेट होगा और उनके नेता अल-बग़दादी सारे मुसलमानों के 'ख़लीफ़ा' कहलाए जाएंगे.

इससे पहले अफ़ग़ानिस्तान में मुल्ला उमर ने भी ख़ुद को मुसलमानों का 'ख़लीफ़ा' घोषित कर दिया था.

संसद

पहले भी आईएसआईएस ने कहा था कि वह सभी मुसलमानों का- राजनीतिक, सैन्य और आध्यात्मिक नेतृत्व कर रहे हैं. लेकिन अन्य सुन्नी गुट इस बात को नहीं मानते.

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इसलिए इस ऐलान का क्या असर होगा, इसे देखना होगा.

वैसे भी आईएसआईएस का अभी तक सीरिया और इराक़ के कुछ इलाक़ों में ही क़ब्ज़ा है और वहां भी जंग जारी है. वैसे उनका थोड़ा बहुत असर तुर्की की सीमा पर भी है.

मंगलवार को इस संकट पर चर्चा के लिए इराक़ी संसद का अधिवेशन हो रहा है. इराक़ी जनता समेत पूरी दुनिया की नज़र इस अधिवेशन पर है.

देखना है कि इस अधिवेशन में मिली-जुली सरकार, जिसमें शिया, सुन्नी, कुर्द हों, पर क्या विचार होता है?

हालांकि इराक़ी प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी के रुख़ को देखते हुए ऐसा संभव नहीं लग रहा. मलिकी का कहना है कि उनके पास बहुमत है और तीसरी बार उनकी ही सरकार बननी चाहिए.

एक सुन्नी गुट का कहना है कि उनकी समस्याओं और मांगों पर जब तक मलिकी रुख़ साफ़ नहीं करते, तब तक वह संसदीय सत्र में भाग नहीं लेंगे.

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यह अब मंगलवार को ही साफ़ होगा कि संसदीय सत्र में सरकार बनने की प्रक्रिया शुरू हो पाती है या नहीं.

इराक़ी प्रधानमंत्री का कहना था कि रूस से मिलने वाले लड़ाकू विमान जंग को उनके पक्ष में कर देंगे, लेकिन अभी तक यह साफ़ नहीं हो पाया है कि सेना ने इनका इस्तेमाल किया है या नहीं.

रविवार को ही कहा गया था कि इन विमानों का इस्तेमाल शुरू करने में तीन से चार दिन लग सकते हैं.

इराक़ी टीवी पर भी जो सैन्य कार्रवाई दिखाई जा रही है, उसमें टैंक, हैलीकॉप्टर, हम्वी का इस्तेमाल होता तो नज़र आ रहा है पर किसी लड़ाकू जेट की कोई तस्वीर नहीं है और न हमारे किसी स्रोत ने इनके इस्तेमाल के बारे में बताया है.

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