इसराइल-हमास के बीच साइबर जंग भी..

ट्विटर पर इसराइली सेना और फलस्तिनियों एक दूसरे के ख़िलाफ़ प्रचार

इसराइल और हमास के फलस्तीनी लड़ाकों के बीच संघर्ष के ताज़ा दौर में एक लड़ाई ग़ज़ा पट्टी में लड़ी जा रही है और दूसरी साइबर दुनिया में.

इससे पहले भी नवंबर 2012 में इसराइल के 'ऑपरेशन पिलर ऑफ़ डिफेंस' अभियान के दौरान दोनों पक्ष सोशल मीडिया पर भिड़ गए थे.

मध्य पूर्व और दुनिया भर के लोगों का समर्थन जुटाने और सहानुभूति पाने के लिए इसराइली सेना और हमास की सैन्य इकाई ट्विटर, यू ट्यूब, फ़्लिकर और फ़ेसबुक जैसे वेबसाइटों का इस्तेमाल कर रहे हैं.

ताज़ा जानकारी और आंकड़ें

इस महीने की आठ तारीख को 'ऑपरेशन प्रोटेक्टिव एज' अभियान शुरु करने के बाद से ही इसराइल डिफ़ेंस फ़ोर्सेस, आईडीएफ़, हर रोज़ अपने ट्विटर अकाउंट पर दर्जनों अपडेट पोस्ट कर रहा है.

इन ट्वीट्स का मक़सद है घटनाओं की लाइव ब्लॉगिंग करना और अपना पक्ष पेश करना.

Image caption इसराइल की आईडीएफ़ का ट्वीट. सोशल मीडिया का इस्तेमाल ताज़ा जानकारी देने के लिए हो रही है.

मसलन आईडीएफ़ ग़ज़ा से होने वाले रॉकेट हमलों और इसराइल के आयरन डोम प्रक्षेपण रक्षा प्रणाली के बारे में 'ब्रेकिंग: आयरन डोम ने अभी अभी अशकेलॉन के ऊपर सात रॉकेट रोके हैं' जैसी ताज़ा जानकारी ट्वीट करता है.

इसी तरह हमास की सैन्य इकाई, इज़्ज़़ल दीन अल-क़ासम ब्रिगेड्स, का अंग्रेज़ी भाषा का ट्विटर अकाउंट इसराइली हवाई हमलों में हताहत लोगों और अपने रॉकेट हमलों की ख़बरों के बारे में जानकारी देता है.

बचाव और समर्थन

Image caption हमास अपनी ट्वीट्स को प्रमोट करने के लिए हैशटैग का इस्तेमाल करता है.

क़ासम ब्रिगेड्स का अंग्रेज़ी के अलावा अरबी और हिब्रू भाषा में भी कई ट्विटर अकाउंट हैं. इनमें से कई पर समय-समय पर प्रतिबंध भी लगा है.

हमास के ये अकाउंट #ग़ज़ाअंडरअटैक, #ग़ज़ा, #स्टॉपइसराइल, और #प्रेफॉरग़ज़ा जैसे हैशटैगों का इस्तेमाल कर अपनी गतिविधियों के बचाव और फलस्तीनियों के कष्टों के बारे में ट्वीट करते हैं.

एक ट्वीट में क़ासम ब्रिगेड्स ने लिखा, "फलस्तीनी हताहत महज़ संख्या नहीं हैं."

अपना पक्ष रखने का ज़रिया

Image caption दोनों पक्ष दूसरे की बात को ग़लत साबित करने के लिए भी सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रहे हैं.

किसी घटना के बारे में अपना पक्ष आंकड़ों के ज़रिए बताने और दूसरे की बात को ग़लत साबित करने के लिए दोनों ही पक्ष लगातार ग्राफ़िक्स का इस्तेमाल कर रहे हैं.

इसके अलावा इसराइल का आईडीएफ़ लोकप्रिय अंतरराष्ट्रीय घटनाओं के ज़रिए भी अपना पक्ष रख रहा है.

फ़ुटबॉल विश्व कप में जर्मनी और आर्जन्टीना के फ़ाइनल मैच से पहले आईडीएफ़ ने टूर्नामेंट की शुरुआत से फ़ाइनल तक हमास की ओर से हुए रॉकेट हमलों की संख्या के बारे में न सिर्फ़ ट्वीट किया बल्कि लोगों से इसे ''#GERvsARG के साथ दोबारा ट्वीट करने के लिए भी कहा जिससे ट्विटर पर मैच फॉलो कर रहे लोगों तक भी ये बात पहुंचे.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार