नोबेल विजेता लेखक नदीन गोर्डिमर की 11 मशहूर उक्तियां

  • 15 जुलाई 2014
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नोबेल पुरस्कार विजेता दक्षिण अफ़्रीकी लेखिका नदीन गोर्डिमर रंगभेद के ख़िलाफ़ दुनिया की सबसे प्रभावशाली लेखकों में से एक थीं.

उन्हें 1991 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था.

गोर्डिमर ने 30 से ज़्यादा किताबें लिखी थीं. उनका निधन सोमवार, 14 जुलाई को हुआ.

नदीन गोर्डीमर और दक्षिण अफ़्रीका के पहले काले राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला करीबी दोस्त थे.

नदीन गोर्डीमर की कुछ मशहूर उक्तियां:

  • सेंसरशिप उन लोगों के लिए कभी भी ख़त्म नहीं होती जिन्होंने इसका अनुभव किया हो. ये कल्पनाशक्ति पर दाग़ है जिसका इसे भोगने वाले इंसान पर हमेशा के लिए असर रहता है.
  • लेखन, जीवन का मतलब समझना है. आप सारी उम्र काम करते हैं और शायद तब आप ज़िंदगी के एक छोटे से हिस्से को समझ पाते हैं.
  • मेरी लिखी या कही गई कोई भी सच्ची बात कभी भी उतनी सच्ची नहीं होगी जितनी कि मेरा फिक्शन या कहानियां.
  • समय बदलाव है; चीज़ों के बदलने से हमें समय के गुज़रने का पता चलता है.
  • सच हमेश ख़ूबसूरत नहीं होता लेकिन सच की भूख ख़ूबसूरत होती है.
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  • मैं ऐसे किसी इंसान के साथ नहीं रह सकती जो मेरे बग़ैर नहीं रह सकता.
  • मैं कई बार असफल हुई हूं लेकिन कभी डरी नहीं.
  • आप किसी हुक़ूमत को दया या सहानुभूति के आधार पर नहीं बदल सकते. इसके लिए कुछ और कड़ा या ठोस होना चाहिए.
  • मंडेला जब जेल में थे तब वे हमारे साथ थे और मृत्यु के बाद भी वे हमारे साथ रहेंगे. मैं नहीं जानती कि ऐसा कब तक रहेगा. लेकिन महात्मा गांधी की ही तरह वे भी (मौत के बाद) और बड़े आइकन बनेंगे.
  • वे हमारे युग के केंद्र में हैं, यहां दक्षिण अफ़्रीका में हमारे और आपके भी, जहां कहीं भी आप रहते हैं.
  • पत्थर में तराशी गई मूर्ति नहीं बल्कि हाड़-मांस का एक इंसान जिसके कष्टों ने उसे बदला लेने की प्रवृति की जगह और ज़्यादा मानवीय बना दिया, उन लोगों के प्रति भी जिन्होंने रंग भेद का जेल बनाया.

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