प्यार, सम्मान और ऑनर किलिंग

सबा
Image caption सबा (बीच में) को उसके अपने ही मौत के घाट उतारना चाहते थे

जब मैंने सबा से कहा कि मैं उस शख़्स से मिला हूं जिसने उसे मारने की कोशिश की थी, तो वह यह सुनने के लिए आगे झुकी कि आख़िर उस व्यक्ति ने कहा क्या?

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में तकरीबन एक महीने पहले सबा पर हमला हुआ था.

मैंने कहा कि उस शख़्स ने मुझे बताया कि वह उसे मारना नहीं चाहता था, सिर्फ़ उसे सबक सिखाना चाहता था ताकि परिवार की कोई और लड़की भागने की हिम्मत न कर सके.

वह कुछ पीछे हटी और उपेक्षापूर्ण अंदाज़ में कहा, "वह झूठ बोल रहा है."

सबा 18 साल की हैं और चोट की निशानी के बतौर उसकी एक आंख में अब भी खून के कतरे हैं.

अफ़सोस नहीं

Image caption सबा के चेहरे पर गोली लगने से बना निशान

जिस शख़्स ने चार अन्य व्यक्तियों से उसे कथित तौर पर उसे मारने की कोशिश की वह उसके पिता मक़सूद अहमद हैं.

गुजरांवाला जेल, जहां मुझे रिकॉर्डिंग उपकरण ले जाने की इजाज़त नहीं थी, में जब मैं उनसे मिला तो उन्हें ख़ुद के किए पर कोई पछतावा नहीं था.

मैंने उनसे पूछा कि उन्हें ज़्यादा अफ़सोस किस बात पर है, जेल जाने पर या फिर बेटी के भाग जाने पर उसे मार देने की कोशिश पर?

मक़सूद ने हत्या के प्रयास के आरोप को नकारते हुए कहा कि वह तो सिर्फ़ उसे सबक सिखाना चाहता था, रही बात जेल की तो यह तो 'सम्मान' की बात है.

Image caption सबा को परिजनों से मिलने का कोई उत्साह नहीं रह गया है

उन्होंने कहा, "मैंने कोई अपराध नहीं किया है. मैंने किसी को नहीं लूटा. अगर मैं उसे मारना चाहता तो मैं यह घर पर कर सकता था."

समझौता

सबा के बाएं हाथ पर गोली लगी थी और इस पर अब भी पट्टी बंधी है, उसके चेहरे पर लंबा चोट का निशान है.

ऐसे कई मामलों में पैरवी कर चुकीं मानवाधिकार मामलों की वकील हिना जिल्लानी का कहना है, "ऑनर किलिंग के मामले निचली अदालतों में हत्या या हत्या के प्रयास के रूप में दर्ज होते हैं."

जिल्लानी कहती हैं, "दुर्भाग्यवश देश में क़ानून बहुत दोषपूर्ण है और ऑनर किलिंग के दोषियों के पक्ष में है. अधिकतर मामलों में ये समझौते पर ख़त्म होते हैं."

Image caption ऑनर किलिंग की शिकार सबा अब भी ससुराल में कड़े पहरे में रहने को विवश है

सबा पर भी उसके ससुराल और बिरादरी के रसूखदारों ने मामला अदालत के बाहर सुलझाने के लिए दबाव डाला.

सबा कहती हैं, "मैं उन्हें माफ़ नहीं करना चाहती. मैं अपने पिता या चाचा से दोबारा नहीं मिलना चाहती."

उसकी मां और आठ भाई-बहन उसके आस-पास ही रहते हैं, लेकिन उसकी उनसे मिलने की कोई इच्छा नहीं है.

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