कितनी मुश्किल है एमएच-17 हादसे की जांच

  • 23 जुलाई 2014
नीदरलैंड्स का विमान इमेज कॉपीरइट AP

मलेशिया एयरलाइंस की उड़ान एमएच-17 के मलबे की जांच के लिए अंतरराष्ट्रीय फ़ॉरेंसिक विशेषज्ञों के तीन दल पूर्वी यूक्रेन में हैं.

विश्व के प्रमुख नेताओं का कहना है कि हादसे की जांच फ़ौरन शुरू की जाए.

मगर 17 जुलाई को हुए इस हादसे की जांच के रास्ते में कुछ बड़ी चुनौतियां खड़ी हैं.

उड्डयन सुरक्षा मामलों के जानकार डेविड लियरमाउंट का कहना है कि विमान हादसों के बाद घटनास्थल को ऐसे सुरक्षित किया जाता है कि सुबूतों के साथ छेड़छाड़ न हो, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं किया गया.

फ़ॉरेंसिक विशेषज्ञों के सामने दूसरी चुनौती यह पता लगाना है कि विमान किस वजह से गिरा? क्या उस पर बाहर से कोई हमला हुआ था या फिर विमान के भीतर ही कुछ ऐसा हुआ था, जिसकी वजह से वह नीचे आ गिरा.

'बंदूक़ से निशाना'

विमान सुरक्षा मामलों के जानकार डेविड ग्लीव कहते हैं, ''मैंने कुछ तस्वीरें देखी हैं. उनसे लगता है मानो 12 बोर की बंदूक़ से विमान पर निशाने लगाए गए.''

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वहीं अंतरराष्ट्रीय सामरिक अध्ययन केंद्र में वरिष्ठ फेलो डगलस बैरी कहते हैं, ''किसी विमान को इस तरह का नुकसान सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल से ही हो सकता है.''

इस विमान में दो ब्लैक बॉक्स थे, जिनसे कॉकपिट के भीतर हुई बातचीत की जानकारी मिल सकती है.

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पूर्वी यूक्रेन में रूस समर्थक विद्रोहियों ने दोनों ब्लैक बॉक्स मलेशियाई अधिकारियों के हवाले कर दिए हैं.

अधिकारियों के मुताबिक़ दोनों अच्छी हालत में हैं, पर सवाल यह है कि रिकॉर्डर्स के साथ क्या छेड़छाड़ की गई होगी.

डेविड ग्लीव कहते हैं, ''ब्लैक बॉक्स के साथ छेड़छाड़ करना संभव है लेकिन ऐसा करने के लिए चार दिन से अधिक समय चाहिए.''

यूएस नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (एनटीएसबी) के पूर्व अध्यक्ष रॉबर्ट फ्रांसिस का भी मानना है कि फ्लाइट रिकॉर्डर में गड़बड़ी की जा सकती है.

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