मौत के इंतज़ार में क़ैदी दो घंटे तक तड़पता रहा..

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Image caption एरिज़ोना की जेल में जोसेफ़ रुडोल्फ़ वुड को मौत की सज़ा दी गई.

अमरीका के एरिज़ोना में मौत की सज़ा पाए एक क़ैदी जोसेफ वुड को मरने में करीब दो घंटे का समय लगा.

वुड को 1989 में अपनी प्रेमिका और उसके पिता की हत्या का दोषी ठहराया गया था.वुड को जहरीला इंजेक्शन दिया गया था.

लेकिन उनके वक़ीलों के अनुसार वुड डेथ चैंबर में 'वुड एक घंटे से ज़्यादा समय तक हांफते और तड़पते रहे.'

इसके बाद उनके वकीलों ने मौत की सज़ा पर रोक लगाने के लिए अपील दायर की.

उनका कहना है कि मौत में अधिक समय लगना क्रूरता के बिना मृत्यु के अधिकार का उल्लंघन है.

'..उसे गोली क्यों नहीं मारी?'

एरिज़ोना की गर्वनर ने जान ब्रिवेर ने कहा कि उन्होंने घटना की विस्तृत जाँच के आदेश दे दिए हैं.

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Image caption पत्रकारों से बाद करने के बाद रिचर्ड ब्राउन अपनी पत्नी के जेनी साथ

हालांकि उन्होंने कहा कि वुड की 'मौत क़ानूनी प्रक्रिया के मुताबिक़ हुई."

वहीं वुड के वकीलों का कहना है कि मौत की सज़ा में केवल दस मिनट का समय लगना चाहिए था. लेकिन इस प्रक्रिया में 1 घंटे 57 मिनट का समय लगा.

इस घटना के बारे में पीड़िता के परिवार के एक सदस्य रिचर्ड ब्राउन ने कहा, "इस व्यक्ति ने भयानक हत्या की है और आप लोग चाहते हैं कि मैं दवाओं के बारे में चिंता करूं. उन्होंने उसे गोली क्यों नहीं मारी?"

मौत की सज़ा पर सवाल

इस घटना के बाद से अमरीका में मौत की सज़ा देने के तरीके पर फिर से बहस शुरू हो गई है.

अमरीका में मौत की सज़ा के लिए जहरीले इंजेक्शन का इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन कुछ राज्य दवाओं के अभाव में अन्य विकल्पों पर विचार कर रहे हैं.

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Image caption वुड को मौत की सज़ा के विरोध में प्रदर्शन करते लोग.

कुछ समय पहले इलेक्ट्रिक चेयर को फिर से अमल में लाने की बात हो रही थी, लेकिन लोगों का कहना है कि यह क्रूरता पूर्वक हत्या न करने के अमरीकी क़ानून का उल्लंघन करता है.

अमरीका में लोग मृत्युदंड का विरोध करते रहे हैं. लेकिन अभी भी इसका समर्थन करने वाले लोग हैं, विशेषकर दक्षिणी अमरीका में जहां सबसे अधिक मौत की सज़ा दी जाती है.

अमरीका में कई लोगों का कहना है कि जघन्य अपराध करने वालों को मौत की सज़ा मिलनी चाहिए.

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