सेब खा-खाकर रूस का विरोध

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'रोज़ाना एक सेब खाएं और स्वस्थ रहें.' पुरानी कहावत है.

और पिछले कुछ दिनों से पोलैंड में जैसे लोगों को सेब खाने का चस्का सा चढ़ गया है.

लेकिन उसके पीछे सेहत का ख़्याल रखने जैसी कोई नेक सोच नहीं है.

पोलैंड निवासी सेब खा-खाकर सोशल मीडिया पर तस्वीरें डाल रहे हैं रूस को चिढ़ाने और अपना विरोध दर्ज कराने के लिए.

रूस का विरोध

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तो मामला कुछ यूं हैं.

बुधवार को रूस ने कुछ फलों और सब्ज़ियों के पोलैंड से आयात पर पर प्रतिबंध लगा दिया. तर्क दिया गया कि वो स्वास्थ्य के लिए माकूल नहीं है.

लेकिन पोलैंड का कहना है कि रूस का ये क़दम राजनीति से प्रेरित है.

दरअसल यूरोपीय संघ ने रूस पर कुछ कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं. पोलैंड के मुताबिक़ रूस इसी वजह से इस हरकत पर उतारू है. लेकिन रूस ने इन आरोपों का खंडन किया है.

मुहिम

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रूस के प्रति इस अनोखे विरोध का सिलसिला ट्विटर पर तब शुरू हुआ जब ज़ेगोश नवाकी नाम के एक पत्रकार ने सेब खाते हुए अपनी तस्वीर डाली और हैशटैग #jedzjabłka बनाया, जिसका मतलब होता है 'सेब खाएं.'

ट्विटर पर बहुत जल्द ये हैशटैग ट्रेंड करने लगा. फ़ेसबुक पर भी ' सेब खाओ और पुतिन को चिढ़ाओ' नाम के पेज को 17,000 से ज़्यादा लाइक मिल चुके हैं.

ये मुहिम पूरे पोलैंड के मीडिया की सुर्खियां बन चुकी है और वहां के कृषि मंत्री भी इसमें शामिल हो गए हैं.

प्रतिबंध

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रूस के कथित तौर पर यूक्रेन में सक्रिय विद्रोहियों के साथ संबंधों को लेकर पूरे यूरोप में गुस्सा बना हुआ है.

इसी वजह से रूस पर यूरोपीय संघ ने कुछ प्रतिबंध लगाए हैं.

कहा जा रहा है कि शीत युध्द की समाप्ति के बाद से ये सबसे कड़े आर्थिक प्रतिबंध हैं और इसी के बाद आशंका जताई जा रही है कि रूस भी पोलैंड के अलावा यूरोपीय के बाक़ी देशों पर भी कुछ प्रतिबंध लगा सकता है.

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