पाकिस्तानी महिलाओं से शादी मुश्किल

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सऊदी अरब ने विदेशी महिलाओं से शादी करने का नियम कड़ा कर दिया है.

इसके बाद मुमकिन है कि वहां के पुरुष पाकिस्तान, बांग्लादेश, चाड और म्यांमार से सऊदी अरब में काम करने आने वाली महिलाओं से विवाह नहीं कर पाएंगे.

इस क़दम की खाड़ी और पाकिस्तान के मीडिया में काफ़ी आलोचना हो रही है.

पाकिस्तानी अख़बार डॉन की वेबसाइट पर कुछ लोगों ने टिप्पणी कर इसे नस्लवादी क़रार दिया है, जबकि सऊदी सरकार ने प्रतिबंध को लेकर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

मक्का पुलिस मुखिया असफ़ अल-क़ुरैशी के मुताबिक़ दूल्हे को विवाह प्रस्ताव के साथ स्थानीय मेयर द्वारा सत्यापित पहचान पत्र पुलिस को देना होगा, जिस पर सरकार विचार करेगी.

मक्का अख़बार के अनुसार, शादी के लिए ख़्वाहिशमंद लोगों की उम्र 25 साल से अधिक होनी चाहिए और तलाक़ के बाद उन्हें कम से कम छह महीने तक इंतज़ार करना होगा.

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अनधिकृत आंकड़ों के अनुसार, सऊदी अरब की कुल आबादी में 30 प्रतिशत विदेशी कामगार हैं.

वहां इन चार देशों से आने वाली महिलाओं की संख्या पांच लाख के क़रीब है.

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