पोलैंड के लोग क्यों खा रहे हैं सेब?

  • 13 अगस्त 2014
पोलैंड में सेब अभियान इमेज कॉपीरइट INSTAGRAM

पुरानी कहावत है कि दिन में एक सेब खाने से डॉक्टर को दूर रखा जा सकता है. पिछले कुछ दिनों में पोलैंड में सेब खाने वालों की संख्या बढ़ी है लेकिन वे स्वास्थ्य कारणों से ऐसा नहीं कर रहे हैं बल्कि सोशल मीडिया पर सेब की तस्वीरें पोस्ट करके रूस का विरोध कर रहे हैं.

रूस ने 'गंदगी' का हवाला देते हुए पोलैंड से कुछ फलों और सब्जियों के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया था जिसमें सेब भी शामिल है.

लेकिन पोलैंड के उत्पादकों का कहना है कि रूस का यह क़दम राजनीति से प्रेरित है और उसने यूरोपीय संघ के प्रतिबंध के जवाब में ऐसा किया.

हालांकि रूस ने इससे इनकार किया है.

अभियान

सोशल मीडिया पर पोलैंड के लोग अभियान चलाकर अपने किसानों का समर्थन कर रहे हैं.

इसकी शुरुआत तब हुई जब एक पत्रकार ग्रेगोर्ज़ नवाकी ने अपनी एक तस्वीर शेयर की जिसमें वह सेब खा रहे हैं.

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उन्होंने एक हैशटैग तैयार किया और लिखा, "पोलैंड के किसानों के लिए यह दुखद ख़बर है. देश में पैदा होने वाले सेबों में से क़रीब आधे रूस को निर्यात होते हैं. मुझे लगता है कि अपने किसानों की मदद के लिए हमें अधिक से अधिक सेब खाने चाहिए."

हैशटैग ट्विटर पर ट्रेंड करने लगा और कुछ ही घंटों में सेब इंटरनेट पर छा गया.

लाइक

फ़ेसबुक पर भी 'ईट एप्पल्स टू एनॉय पुतिन' पर कई हास्यास्पद तस्वीरें आ रही हैं और इसे अब तक 9000 बार लाइक किया जा चुका है.

यह अभियान पोलैंड में सुर्खियां बटोर रहा है और देश के कृषि मंत्री सहित कई राजनेता भी इससे जुड़ गए हैं.

देश की प्रमुख सुपरमार्केट चेन पोलोमार्केट भी अपने फ़ेसबुक और ट्विटर पेजों पर इस अभियान को बढ़ावा दे रही है.

यूक्रेन के विद्रोहियों के साथ रूस के संबंधों को लेकर यूरोप में रोष बढ़ता जा रहा है.

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