वो लड़की जिसके जिस्म में क़ैद है एक लड़का

समलैंगिक जोड़ा, पाकिस्तान इमेज कॉपीरइट British Broadcasting Corporation

पाकिस्तान के देहाती इलाके के एक पारंपरिक परिवार से आने वाली अज़रा अहमद एक लड़की से प्यार करती है लेकिन उनके देश में इस तरह के रिश्ते को न तो समाज और न ही मजहब कबूल करता है.

जब वो बहुत छोटी थीं तभी से वे अपना सेक्स बदलना चाहती थीं लेकिन इसकी सहूलियत उनके पास न थी.

दूर दराज के इलाके में रहने के कारण अपनी गर्लफ्रेंड से क़ानूनन शादी करने के लिए किसी और देश में जाने की संभावना तलाशना भी उनके लिए मुश्किल था.

लेकिन अब उनके लिए इंटरनेट पर एक मुहिम चल रही है.

पढ़िए विस्तार से ये कहानी

29 बरस की अज़रा अब अपनी गर्लफ्रेंड के साथ छोटे से एक शहर में गुमनाम सी ज़िंदगी जी रही हैं. मार्केटिंग एक्ज़िक्यूटिव के तौर पर काम करती हैं.

अज़रा अहमद और उनकी दोस्त लुबना ज़माल की कहानी का पता जनवरी में उस वक्त तक किसी को नहीं था जब एक पाकिस्तानी मानवाधिकार समूह ने उनके लिए इंटरनेट पर समर्थन जुटाने की मुहिम शुरू की.

इमेज कॉपीरइट British Broadcasting Corporation
Image caption पूर्व पत्रकार अरशद सुलाहरी पाकिस्तान के समलैगिकों के अधिकारों के लिए काम कर रहे हैं.

अज़रा की मदद के लिए आगे आए पूर्व पत्रकार अरशद सुलाहरी कहते हैं कि उन्हें इसके लिए धमकियां दी गईं.

हालांकि इंटरनेट पर चली मुहिम से अज़रा की उम्मीदें बंधी थी लेकिन जल्द ही उन्हें लगा कि इससे उनकी ज़िंदगी खतरे में पड़ गई है.

दरअसल इंटरनेट पर उनके नाम से जारी की गई अपील में उनका पूरा नाम दिया हुआ था लेकिन पते वगैरह की कोई तफसील न थी.

वे कहती हैं, "शायद इसी ने हमें बचा लिया." अज़रा अपने गाँव की एकलौती बेटी हैं जिन्होंने कॉलेज देखा, ग्रेजुएशन किया.

वह कहती हैं कि बचपन में ही उन्हें लगा कि वह एक ऐसा लड़का हैं जो किसी लड़की के शरीर में कैद है और जो छूटने के लिए छटपटा रहा है.

वह जैसे जैसे बड़ी होती गईं, दूसरी लड़कियों के लिए आकर्षित होती गईं. स्कूल और कॉलेज में अज़रा कई लड़कियों के साथ रिश्ते में रहीं.

सेक्स चेंज

इमेज कॉपीरइट British Broadcasting Corporation

लुबना जमाल के आने से पहले अज़रा की ज़िंदगी में अम्मारा ताहिर नाम की लड़की थी.

वे सात बरस साथ रहे और एक रोज अम्मारा की किसी और से शादी हो गई. लेकिन अज़रा के सामने अब लुबना के साथ घर बसाने का सवाल है.

उनके सामने दो विकल्प हैं, अज़रा के शब्दों में "या तो हमें किसी और देश में शरण मिल जाए या फिर मेरा सेक्स चेंज हो जाए ताकि मैं लुबना से निकाह कर सकूं."

लेकिन दोनों ही विकल्पों के साथ अलग परेशानियां हैं. डॉक्टर फिदा मलिक मनोचिकित्सक हैं. वे बताती हैं, "इसमें कई साल लग जाते हैं. अलग अलग डॉक्टरों की मदद लेनी होती है और पाकिस्तान जैसे देश में इसका एक मजहबी ऐंगल भी है."

अज़रा सेक्स चेंज के लिए डॉक्टरी प्रक्रिया से गुजर रही हैं और मुमकिन है कि उन्हें इसके लिए भारत या किसी और देश को जाना पड़े और ये हो भी जाता है तो भी उन्हें शायद अपनी गर्लफ्रेंड के साथ एक गुमनाम सी ज़िंदगी ही जीनी पड़े.

(पहचान छुपाने के लिए रिपोर्ट में नाम बदल दिए गए हैं.)

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार