बैंक ऑफ़ अमरीका पर 17 अरब डॉलर जुर्माना

बैंक ऑफ़ अमेरिका इमेज कॉपीरइट Reuters

निवेशकों को अपने ऋणों के बारे में ग़लत जानकारी देने के लिए बैंक ऑफ़ अमरीका 17 अरब डॉलर का रिकॉर्ड जुर्माना अदा करने को तैयार हो गया है.

साल 2008 के आर्थिक संकट की एक वजह बैंक का ये कदम भी था.

अमरीका के कॉरपोरेट इतिहास में ये सबसे बड़ा जुर्माना है.

बैंक ऑफ़ अमरीका पर आरोप है कि उसने अपने निवेशकों को भ्रमित कर ऐसे बॉन्ड आदि में निवेश की सलाह दी जिसे उसने सुरक्षित बताया लेकिन जिससे बाद में अरबों डॉलरों का नुकसान हुआ.

निवेशकों को ये कर्ज़े कंट्रीवाइड फ़ाइनेंशियल और मेरिल लिंच ने बेचे थे, उसे साल 2008 में बैंक ऑफ़ अमरीका ने खरीदा. उस समय अमरीका में काफ़ी गंभीर आर्थिक संकट के हालात थे.

अमरीका के सह अटॉर्नी जनरल टोनी वेस्ट का कहना था, 'कोई भी संस्था इतनी बड़ी या इतनी ताक़तवर' नहीं है कि वो सज़ा से बच सके.

इस जुर्माने से बैंक ऑफ़ अमरीका की तीसरी तिमाही के लाभ में पाँच अरब डॉलर का नुकसान होगा.

इससे पहले साल 2013 में जेपी मॉर्गन कंपनी पर अमरीका में आर्थिक संकट के दौरान निवेशकों को भ्रमित करने के लिए 13 अरब डॉलर का जुर्माना लगा था.

साल 2008 के अमरीकी आर्थिक संकट के बाद से अमरीकी नियामकों ने कई बैंकों पर जुर्माना लगाया है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार