ग़ज़ा: हमास ने 18 लोगों को गोली मारी

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ग़ज़ा में हमास के सूत्रों ने कहा है कि इसराइल के साथ सहयोग कर रहे 18 संदिग्ध लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया है.

ये हत्याएं एक इसराइली हवाई हमले में तीन हमास नेताओं की मौत के बाद की गई हैं.

हमास सूत्रों के मुताबिक़ शुक्रवार को जिन्हें मौत की सज़ा दी गई, उसे रेज़िस्टेंस ने अंजाम दिया है. इससे ग़ज़ा में अन्य हथियारबंद संगठनों के वजूद में होने का पता चलता है.

हमास अधिकारियों ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि पहली 11 हत्याएं एक लावारिस पुलिस स्टेशन पर अंजाम दी गईं. चश्मदीदों का कहना है कि अन्य सात लोगों को हमास के लिबास में कुछ लोगों ने अल उमरी मस्जिद के पास गोली मार दी.

पहली 11 हत्याओं के बाद हमास ने चेतावनी जारी की कि 'यही सज़ा जल्द ही दूसरों को भी दी जाएगी'.

ग़ज़ा में अधिकारियों का कहना है कि कम से कम दो और फ़लस्तीनी इसराइली हमले में मारे गए हैं. उधर, इसराइल ने कहा है कि उस पर कई रॉकेट दागे गए हैं.

अब तक 2070

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अब तक 2070 से ज़्यादा फ़लस्तीनी और 66 इसराइली संघर्ष में मारे जा चुके हैं. मारे गए फ़लस्तीनियों में से ज़्यादातर आम नागरिक हैं. इसराइल में कार्यरत एक थाई नागरिक की भी रॉकेट लगने से मौत हो गई थी.

शुक्रवार सुबह इसराइल पर गिरे रॉकेट हमले में किसी को नुक़सान नहीं हुआ है.

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मंगलवार को ग़ज़ा में इसराइल और फ़लस्तीनी चरमपंथियों के बीच फिर संघर्ष शुरू हो गया और इसी के साथ काहिरा में दोनों पक्षों के बीच लंबे समय तक टिकने वाले संघर्ष विराम की कोशिशें नाकाम हो गई हैं.

हमास किसी भी लंबे समझौते से पहले ग़ज़ा से आर्थिक नाकेबंदी हटाने की मांग कर रहा है. उधर, इसराइल ने कहा है कि जब तक वह हमास और ग़ज़ा में दूसरे संगठनों को पूरी तरह हथियारविहीन कर ‘पूर्ण सुरक्षा’ हासिल नहीं कर लेता तब तक यह अभियान चलेगा.

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